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लखनऊ में ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के अंतर्गत स्टेट प्रोसेस लैब का शुभारंभ

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लखनऊ में ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के अंतर्गत स्टेट प्रोसेस लैब का शुभारंभ

लखनऊ: भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित “आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत लखनऊ में रविवार को चार दिवसीय स्टेट प्रोसेस लैब का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम 24 से 27 अगस्त तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” पर आधारित यह अभियान जनजातीय समाज तक शासन की योजनाओं को पहुँचाने और उनके अधिकारों की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।प्रदेश में इस अभियान का नोडल विभाग जनजाति कल्याण विभाग है, जो टीआरआई, ग्राम्य विकास, वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और जलापूर्ति विभागों के साथ मिलकर योजनाओं के लाभ को जनजातीय समाज तक पहुँचाने का समन्वय कर रहा है।शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान” जनजातीय समाज को शासन की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारदर्शी ढंग से और सामुदायिक भागीदारी के साथ संचालित होगा, जिससे अधिकारियों और सहयोगियों को जनजातीय समाज को सशक्त बनाने की दक्षता मिलेगी।इस अवसर पर समाज कल्याण अपर मुख्य सचिव वेंकटेश्वर लू, निदेशक जनजाति विकास उत्तर प्रदेश शिव प्रसाद, जनजातीय कार्य मंत्रालय के निदेशक अरविंद कुमार, उप निदेशक शिल्पा तनेजा और जनजाति विकास उत्तर प्रदेश की उप निदेशक डॉ. प्रियंका वर्मा उपस्थित रहीं।चार दिवसीय प्रशिक्षण में स्वास्थ्य, वन विभाग, आईसीडीएस और ग्राम्य विकास विभाग के चार मास्टर ट्रेनरों तथा उत्तर प्रदेश के सात जनपदों—सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, बहराइच, मिर्जापुर, चंदौली, गोंडा और ललितपुर—से आए 45 डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। आगे यही मास्टर ट्रेनर ब्लॉक और ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण देकर योजनाओं को जमीन तक पहुँचाने का कार्य करेंगे।यह पहल न केवल योजनाओं को सुलभ बनाएगी, बल्कि जनजातीय समाज को सशक्त, आत्मनिर्भर और सहभागी बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। एक लाख से अधिक जनजातीय गाँवों में संचालित होकर यह अभियान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करेगा। इसमें 550 से अधिक जिलों और लगभग 3000 ब्लॉक शामिल किए गए हैं। अभियान के अंतर्गत लगभग 20 लाख प्रतिबद्ध परिवर्तनकारी जन सहयोगियों को तैयार किया जा रहा है, जो आगे चलकर दो मिलियन से अधिक कर्मयोगियों के रूप में कार्य करेंगे।

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