
विधानमंडल सत्र में विपक्ष के सवालों का दमदार जवाब, ऊर्जा मंत्री ने पेश किया ‘विजन-2047’
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मानसून सत्र के दौरान विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के सभी सवालों का मजबूती से जवाब देते हुए नगर विकास और ऊर्जा विभाग का ‘विजन-2047’ सामने रखा। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने भी मंत्री शर्मा के कार्यों की सराहना की।विधान परिषद में विजन-2047 पर चर्चा करते हुए शर्मा ने बताया कि सरकार का लक्ष्य विद्युत विभाग के हर हिस्से में स्वच्छ, सुरक्षित और सुचारू बिजली वितरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सूखा और बाढ़ जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी प्रदेश ने लगातार तीन वर्षों से देश में सबसे अधिक बिजली आपूर्ति का रिकॉर्ड कायम किया है।ऊर्जा मंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा, “गाँव और कस्बों में बिजली आती ही नहीं थी, इसलिए उसके जाने की खबर भी नहीं बनती थी। अब 5 मिनट की कटौती भी चर्चा का विषय बन जाती है, क्योंकि बिजली हर घर, हर दुकान और हर प्रतिष्ठान तक पहुँच रही है।”उन्होंने कहा कि 2017 में अधिकतम 5160 मेगावॉट का उत्पादन होता था, जो आज 9120 मेगावॉट तक पहुँच चुका है। बिजली उपलब्धता 2017 के 11803 मेगावॉट से बढ़कर 2025 में 20038 मेगावॉट हो गई है। बड़े उपकेंद्रों की क्षमता 39000 MVA से बढ़कर 2 लाख MVA हो गई है। हाई वोल्टेज लाइन 33 हजार सर्किट किमी से बढ़कर 58 हजार सर्किट किमी हो चुकी है। 1.59 लाख किमी जर्जर तार बदले गए और 29 लाख खंभों का नवीनीकरण हुआ। 1.50 लाख मजरे विद्युतिकृत हुए और अब हर जिले में 18 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है।उन्होंने बताया कि हरित ऊर्जा, सौर उत्पादन, वेस्ट-टू-एनर्जी और बायोगैस परियोजनाओं में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। RDSS, CBG और ग्रीन कॉरिडोर में प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। किसानों को अन्न उत्पादक से ऊर्जा उत्पादक बनाने की योजना पर भी काम जारी है।शर्मा ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि “जिन्होंने बिजली का निजीकरण शुरू किया, वही अब उसका विरोध कर रहे हैं।” उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में “हम न सिर्फ देश की सर्वश्रेष्ठ बिजली व्यवस्था देंगे, बल्कि कल आज से बेहतर होगा।”
