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वाराणसी में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 23 जिलों के डीएम को दिया विशेष प्रशिक्षण, मतदाता सूची के सुधार पर जोर

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वाराणसी में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 23 जिलों के डीएम को दिया विशेष प्रशिक्षण, मतदाता सूची के सुधार पर जोर

वाराणसी,लखनऊ: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने गुरुवार को वाराणसी में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र में पूर्वांचल के 23 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित किया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची के पुनरीक्षण से पहले अधिकारियों को सभी दिशा-निर्देशों, तकनीकी प्रक्रियाओं और संवैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देना था, ताकि आगामी चुनावों में मतदाताओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि प्रत्येक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा के अनुरूप समयबद्ध संभाजन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही मतदाता सूची को अद्यतन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि एक ही परिवार के सभी सदस्य एक ही मतदान केंद्र की सूची में दर्ज हों। उन्होंने कहा कि जेंडर रेशियो में सुधार, स्पष्ट व त्रुटिरहित मतदाता फोटो तथा सटीक विवरण जरूरी हैं ताकि पहचान में किसी प्रकार की असुविधा न हो।प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950, रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टोरल रोल्स-1960 और निर्वाचन आयोग के विभिन्न मैन्युअल्स की विस्तृत जानकारी दी गई। श्री रिणवा ने निर्देशित किया कि बीएलओ की नियुक्ति नियमानुसार होनी चाहिए तथा उनकी कार्यप्रणाली पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान पर बल दिया गया।उन्होंने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें करें, और निर्वाचन संबंधी वेयरहाउस का निरीक्षण भी सुनिश्चित करें। ईआरओ को अपने अधीनस्थ एईआरओ, बीएलओ सुपरवाइजर और बीएलओ को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जमीनी स्तर तक प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे।ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप, वोटर सर्विस पोर्टल और वोटर हेल्पलाइन ऐप जैसे डिजिटल टूल्स की उपयोगिता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि जब नागरिक फार्म-6, 7 या 8 भरें, तो उनसे मोबाइल नंबर और पता सटीक रूप से भरवाया जाए, जिससे वे अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकें।श्री रिणवा ने बताया कि यह पहली बार है जब भौतिक प्रशिक्षण के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारियों को व्यापक जानकारी दी जा रही है। उनका उद्देश्य है कि मतदाता सूची में सुधार के साथ-साथ आधिकारिक निगरानी क्षमता भी मजबूत की जाए।प्रशिक्षण में जिन जनपदों के अधिकारी शामिल हुए, उनमें आजमगढ़, बलिया, मऊ, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, कुशीनगर, महाराजगंज, देवरिया, कौशांबी, प्रयागराज, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बस्ती, प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर, अमेठी, सुल्तानपुर और संतकबीरनगर शामिल रहे।ज्ञात हो कि इससे पहले मेरठ में 7 जुलाई को प्रथम चरण का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था जिसमें 15 जिलों के अधिकारी शामिल हुए थे। लखनऊ में 17, 19 और 25 जून को प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों के रजिस्ट्रेशन अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आशा व्यक्त की कि तीनों चरणों के इस व्यापक प्रशिक्षण के बाद प्रदेश की मतदाता सूची और अधिक पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनेगी, जिससे लोकतंत्र की नींव और मजबूत होगी।

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