
इंदिरानगर पुलिस ने नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले रज्जब अली को किया गिरफ्तार
लखनऊ, 18 जून: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के इंदिरानगर थाना क्षेत्र से एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने और कूटरचित नियुक्ति पत्र देने वाले मुख्य आरोपी रज्जब अली को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को 17 जून की रात इंदिरानगर के माही मेडिकल तिराहे के पास से दबोचा।यह मामला गत वर्ष 24 मई 2024 का है, जब आकृति सिंह निवासी गणेशगंज, लखनऊ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रज्जब अली, खुशबू बानो और शैलेन्द्र त्रिपाठी ने मिलकर नौकरी दिलाने के बहाने उसके साथ धोखाधड़ी की। आरोपियों ने उससे पैसे ठगे और कूटरचित नियुक्ति पत्र उपलब्ध करवाए, साथ ही जब वह पैसा वापस मांगने लगी तो जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस शिकायत पर थाना इंदिरानगर में मुकदमा संख्या 141/2024 के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।जांच में और गहराई से साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने इस केस में धारा 120बी (साजिश), 467, 468, 471 भादवि भी जोड़ी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने रज्जब अली को पकड़ लिया। आरोपी की उम्र लगभग 29 वर्ष है और वह ग्राम अकबरपुर गौहानी, थाना तरबगंज, जिला गोंडा का निवासी है।पुलिस ने बताया कि यह गिरोह नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को धोखा देता था और कूटरचित नियुक्ति पत्र बनाकर ठगी करता था। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।गिरफ्तारी में इंदिरानगर पुलिस की टीम के उपनिरीक्षक आशीष कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक सागर जयंत और कांस्टेबल विजयभान यादव ने अहम भूमिका निभाई।यह कार्रवाई पुलिस की अपराध मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। जनता से अपील की गई है कि इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए पुलिस से संपर्क करें और सतर्क रहें।
