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छात्रों में जन्मजात प्रतिभा को बढ़ावा देना चाहिए : डॉ0 राजेश

राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में हुआ संगोष्ठी का आयोजन

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गोरखपुर। प्रत्येक विद्यार्थी में जन्मजात प्रतिभाएं होती हैं, जिन्हें खोजा जाना चाहिए, उनका पोषण करना चाहिए, उन्हें बढ़ावा देना चाहिए और उनका विकास करना चाहिए। यह प्रतिभाएं अलग-अलग रुचियों, प्रस्तावों और क्षमताओं के रूप में खुद को व्यक्त कर सकती हैं। जो छात्र किसी दिए गए दायरे में विशेष रूचि और क्षमताओं को दिखाते हैं ,उन्हें उस दायरे को सामान्य स्कूली पाठ्यक्रम से परे भी अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
        उक्त बातें राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के जिला नोडल एवं राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, गोरखपुर के वरिष्ठ अंग्रेजी शिक्षक डॉ0 राजेश चंद्र गुप्त ने कहीं। श्री गुप्त विद्यालय में अंग्रेजी विषय में शिक्षण अधिगम सामग्री के उपयोग पर आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा की टीएलएम का आमतौर पर संक्षिप्त रूप में उपयोग किया जाता है। शिक्षण अधिगम सामग्री महत्वपूर्ण शिक्षण और सीखने के उपकरण हैं ।वे शिक्षण अधिगम प्रक्रिया की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उपयोगी हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद ने कहा शिक्षक कक्षा में विशिष्ट सीखने के उद्देश्यों का समर्थन करने के लिए इन सामग्री का उपयोग करता है। अंग्रेजी भाषा के शिक्षण में शिक्षण अधिगम सामग्री भाषा दक्षताओं के विकास में छात्रों को अनुभव प्रदान करने में सहायक साबित होती है। विद्यालय के उप प्रधानाचार्य किरण कुमार आरेतो ने कहा वर्तमान समय में चार्ट तथ्यों और विचारों की व्यवस्थित और तार्किक प्रस्तुति के आधार पर हम शिक्षण को और भी प्रभावशाली बना सकते हैं। चार्ट आकार में बड़े होने चाहिए और आवश्यक सामग्री मोटे अक्षरों में लिखी जानी चाहिए ताकि यह सभी छात्रों को आसानी से दिखाई दे सके।
       कार्यक्रम के प्रारंभ में इस कार्यक्रम की संयोजिका मनोरमा रानी ने अंग्रेजी भाषा में शिक्षण अधिगम सामग्रियों के बारे में विषद चर्चा किया ।इस अवसर पर छात्रों द्वारा सहायक सामग्री के रूप में तैयार किए गए मॉडलों एवं चार्टों का प्रस्तुतीकरण कर उसकी उपयोगिता को छात्रों के मध्य बताया गया। मनोरमा रानी ने महत्वपूर्ण शिक्षण अधिगम सामग्री की चर्चा की। उन्होंने भाषा प्रयोगशाला की महत्ता पर भी प्रकाश डाला उन्होंने कहा भाषा प्रयोगशाला आधुनिक भाषा शिक्षण में अपना विशेष योगदान दे रहा है इसका उपयोग भाषा शिक्षण और उपचारात्मक शिक्षण के लिए किया जाता है।
इस अवसर पर अंग्रेजी भाषा के वरिष्ठ शिक्षक संजय कुमार , राज किशोर मिश्र व प्रशांत कुमार ने भी इन सामग्रियों का शैक्षिक उन्नयन में महत्ता पर चर्चा किया।
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