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मौरावां थाने में मदद के बजाय पीड़िता को गालियां देकर भगाया गया। बेलगाम वर्दीधारी दरोगा का एक नमूना यह भी है।

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उन्नाव : चुनाव करीब आते ही पुलिस का रवैया जनविरोधी होता जा रहा है, अगर सीधी सपाट भाषा मे कहें तो पुलिसिया उत्पीड़न चरम पर है।फ़रियाद सुनाने वालों को धकियाकर व गालियां देकर भगाया जाता है।खास यह कि कोई दरोगा योगी,और मोदी को खूलेआम गाली देता है तो कोई सिफारिश के नाम पर पीड़ित को हड़काता है तो कोई कूटे-पिटे पीड़ित को न्याय के नाम पर जेल भेजने की धमकी देकर अपमानित करता है। गुरुवार को बेलगाम पुलिस का घिनौना चेहरा एक बार फिर सामने आया। दबंग से पिटी विधवा को दरोगा ने गालियां देकर भगा दिया।

राज्य की योगी सरकार की मंशा के विरुद्ध आचरण कर रही वर्दी का ताजातरीन मामला मौरावां थाने से सम्बंधित है। हल्का इंचार्ज से अपमानित पीड़िता दबंगो के विरुद्ध क्षेत्राधिकारी की चौखट पर शिकायत लेकर पहुंची।मौरावां थाना क्षेत्र के ग्राम सरांय ठकुरी निवासिनी विधवा केकती पत्नी स्व0 अमरनाथ ने बताया कि आज सुबह दस बजे के आसपास वह अपने दरवाजे पर सफाई कर रही थी तभी गांव के दबंग अनूप व प्रमोद पुत्र गण दुलीचंद आ गए और गाली गलौच कर उसे पीटने लगे। शरीर पर चोटों के निशान दिखाते हुए पीड़िता ने यह भी बताया कि गत 12 नवंबर को भी उक्त दबंगो ने उसे अपमानित किया था जिसकी शिकायत थाने में की थी मगर पुलिस ने अनसुनी कर दी, नतीजा दबंग बेलगाम हो गये और आज पुनःउसे पीट दिया।पीड़िता की मानें तो तीन छोटे-छोटे बच्चों को लेकर वह किसी तरह गुजर बसर करती है किन्तु दबंग उसे चैन से रहने नहीं देते।

गौरतलब है कि पूरी तरह दलालों के चंगुल में समाई मौरावां पुलिस की चौखट पर फ़रियाद लेकर पहुंची विधवा केकती की पीड़ा सुनने और कार्यवाही करने के बजाए हल्का इंचार्ज जयनारायण मिश्र ने केकती को जेल भेजने की धमकी दी वर्दी के घमंड में पीड़िता को अपमानित किया। बतातें चलें कि आरोपी अनूप जयनारायण मिश्र का मुंहलगा है आये दिन साथ रहता है यही वजह है कि आरोपी पर कार्यवाही के बजाए दरोगा जी पीड़िता की बेज्जती करने में गौरवान्वित हो रहें हैं।चोटों का मेडिकल कराने के बजाए थाने से भगा रहें हैं।

उल्लेखनीय है कि चुनाव करीब आते ही इलाक़ाई पुलिस के कुछ दरोगा जो दलीय रंगों में रंगे हुए हैं, जनविरोधी रवैया अपनाए हुए हैं, फरियादियों को अपमानित करना इनका शगल है। कोई सरेआम देश के प्रधानमंत्री व राज्य के मुख्यमंत्री को गरियाता मिलता है तो कोई सिफारिश कराने पर उल्टी कार्यवाही की धमकी देता है सच कहें तो पुलिस का मिजाज बदला हुआ है विधवा केकती तो नजीर मात्र है।पुलिसिया उत्पीड़न चरम पर है।इलाकाई पुलिस से निराश पीड़ित आलाधिकारियों की शरण ले रहे हैं।पीड़िता केकती की शिकायत पर गम्भीर क्षेत्राधिकारी पंकज सिंह ने धैर्य से सुना और न्याय का भरोसा दिया है।

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