
लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेज में इंटरब्रांच इंग्लिश डिबेट प्रतियोगिता सम्पन्न, विद्यार्थियों ने दिखाया भाषण कौशल
लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेज में इंटरब्रांच इंग्लिश डिबेट प्रतियोगिता सम्पन्न, विद्यार्थियों ने दिखाया भाषण कौशल
लखनऊ: राजधानी स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेज के बी-ब्लॉक, राजाजीपुरम स्थित एसपी लाइसियम प्रेक्षागृह एवं ए-ब्लॉक, राजाजीपुरम में इंटरब्रांच अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न शाखाओं से प्रतिभागियों ने श्रोताओं और निर्णायकों को अपने प्रभावशाली विचारों से प्रभावित किया।इस प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली की सीनियर कोर्ट असिस्टेंट साक्षी चतुर्वेदी, एमिटी यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशल यादव, टाइम्स ग्रुप से अर्पित गुप्ता, विदुर कपूर और विकास चंद्र मिश्रा शामिल रहे।प्रतियोगिता में ग्रुप ‘ए’ से वृंदावन योजना शाखा के अन्वेष मिश्रा और अद्रा सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि डीएलएफ गार्डन सिटी शाखा के निश्छल अवस्थी और देवांशी पाल उपविजेता रहे। ग्रुप ‘बी’ में डीएलएफ गार्डन सिटी शाखा के यजत उपाध्याय और प्रखर द्विवेदी विजेता घोषित किए गए, वहीं आनन्द नगर और सहारा स्टेट शाखा की निध्याशी मिश्रा, आराध्या सिंह, कौशिकी मिश्रा और विदुषी मिश्रा उपविजेता रहीं।ग्रुप ‘सी’ से ए-ब्लॉक, राजाजीपुरम शाखा की ग़ज़ाला फातिमा और दिव्यांशी पटेल ने बाजी मारी, जबकि वृंदावन योजना शाखा के आदर्श त्रिपाठी और असित सचान उपविजेता घोषित हुए। ग्रुप ‘डी’ से ए-ब्लॉक, राजाजीपुरम शाखा के आराध्या सक्सेना और सारा अज़ीम विजेता बने, जबकि गोमती नगर शाखा के उनैज़ा शकील और सृष्टि श्रीवास्तव ने उपविजेता स्थान प्राप्त किया।प्तियोगिता के सर्वश्रेष्ठ वक्ता के रूप में ग्रुप ‘ए’ से वृंदावन योजना शाखा के अन्वेष मिश्रा, ग्रुप ‘बी’ से डीएलएफ गार्डन सिटी शाखा के प्रखर द्विवेदी, ग्रुप ‘सी’ से वृंदावन योजना शाखा के असित सचान और ग्रुप ‘डी’ से सीतापुर शाखा के कार्तिकेय श्रीवास्तव को चुना गया।प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल सार्वजनिक बोलने का मंच मिला, बल्कि तार्किक और रचनात्मक अभिव्यक्ति का भी अवसर प्राप्त हुआ, जो उनकी बौद्धिक क्षमता और आत्मविश्वास को निखारने में सहायक सिद्ध हुआ।
