
जानकीपुरम पुलिस ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाले दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अंतर्गत थाना जानकीपुरम पुलिस टीम ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के गंभीर मामले में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई एक ऐसे मामले से जुड़ी है, जिसमें विपक्षियों द्वारा वादी के बहनोई को आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न के चलते आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया गया था।मामला वर्ष 2022 का है, जब मोतीझील कॉलोनी ऐशबाग निवासी राजकुमार गौतम ने थाना बाजारखाला में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि विपक्षियों ने उनके बहनोई से पैसे लिए थे, लेकिन वापस नहीं किए। पैसे मांगने पर आरोपियों ने उनके बहनोई को गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी, जिससे मानसिक रूप से आहत होकर उनके बहनोई ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। इस आधार पर थाना जानकीपुरम में मुकदमा संख्या 232/25 धारा 406, 504, 506, 306 भादवि और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(V) के अंतर्गत शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव एवं अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।पुलिस ने विवेचना सहायक पुलिस आयुक्त अलीगंज को सौंपी और दोनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए। रविवार को थाना जानकीपुरम पुलिस टीम ने दबिश देकर पहले अभियुक्त संतोष कुमार शुक्ला पुत्र स्व. कृपाशंकर शुक्ला निवासी ग्राम मोहना, पोस्ट सेठमऊ, थाना सतरिख, जिला बाराबंकी को उसके घर से गिरफ्तार किया। इसके बाद अभियुक्त शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव पुत्र रामशंकर लाल श्रीवास्तव निवासी ए-3 सन सिटी, जानकीपुरम विस्तार, लखनऊ को भी उसके घर से हिरासत में लिया गया। दोनों आरोपियों को पुलिस ने विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया।पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभियुक्त शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव बैंक कर्मचारी हैं जबकि संतोष कुमार शुक्ला किराना व्यापारी हैं। दोनों से पूछताछ की जा रही है और उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी अन्य थानों और जनपदों से मांगी गई है।

इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक हेमेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह और हेड कांस्टेबल अजीत कुमार वर्मा की टीम ने प्रमुख भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आगे की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।