diwali horizontal

इमाम मेहदी की विलादत पर कर्बला मलका जहां में मनाया गया जश्ने वलीए अस्र

0 79

लखनऊ : शियों के बारवें इमाम हजरत मेहदी (अ.स.) की यौमे विलादत की पूर्व संध्या पर जगह-जगह महफिलों का आयोजन किया गया। जिसमें तमाम उलमा और शायरों ने हजरत इमाम मेहदी (अ.स.) की शान में अपने कलाम पेश किये। इमाम की विलादत शुक्रवार को मनाई जाएगी। इमाम की विलादत की खुशी में लोगों ने आतिशबाजी भी की। अंजुमन खुद्दामे कर्बला की ओर से कर्बला मलका जहां ऐशबाग में ‘‘जश्ने वली-ए-अस्र‘‘ का आयोजन किया गया। जश्न की अध्यक्षता मौलाना मोहम्मद अब्बास तुराबी ने की। जश्न में मौलाना यासूब अब्बास व मौलाना मीसम जैदी ने इमाम मेहदी (अ.स) की फजीलत बयान की।

इसके बाद शायरों ने बारगाहे-वली-ए-अस्र में मन्ज़ूम नजरान-ए-अक़ीदत पेश किया। कार्यक्रम का संचालन मौलाना मंदरापालवी व कौसर जरवली ने की। इस मौके पर समाजसेवी वफ़ा अब्बास, अब्बास निगार, आलम और मुत्तकी जैदी को समाजी सेवाओं के पेशे नजर एवार्ड से नवाजा गया। विलादत के मौके पर कर्बला मलका आफाक मदेयगंज में हुसैनाबाद ट्रस्ट ने ‘जश्ने मसर्रत” का आयोजन किया। महफिल को विभिन्न उलमा ने खिताब किया। इसके बाद शायरों ने इमाम मेहदी (अ.स.) की शान में कसीदे पढ़े। अकीदतमंदों ने कर्बला पहुंच कर जियारत और नज्र की। इस मौके पर कर्बला को भव्य रूप से सजाया गया था। इसी तरह रौजाए काजमैन में भी जश्ने इमामे जमाना मनाया गया

मेहदी घाटपर सजा बजरा अकीदतमंदों ने की जियारत

लखनऊ हजरत इमाम मेहदी की विलादत की खुशी में मेहदी घाट पर दरिया (गोमती) में बजरा रोशन रहा। महकते फूलों के साथ बजरे को रंगबिरंगी रौशनी से सजाया गया। मौलाना हसन जहीर ने बजरे पर इमाम की सलामती की नज्र दी। अकीदतमंदों ने बजरे की जियारत कर नज्र चखी। इस मौके पर मौलाना कल्बे जव्वाद और मौलाना यासूब अब्बास सहित तमाम उलमा ने पहुंचकर बजरे की जियारत की। बजरे पर महफिल सजी, जिसमें शायरों ने इमाम की शान में कलाम पेश किए

बजरे की जियारत करने के लिए देर शाम से ही अकीदतमंद जुटने लगे थे यह सिलसिला सुबह तक जारी रहेगा। बजरे पर मिट्टी कुंडों में तरह-तरह के हलवे पर लोग अपने इमाम की सलामती के लिए नज्र कर रहे थे तो कोई मिठाईयां बाटकर अपनी खुशी का इजहार कर रहे थे। जायरीनों ने मेहदी घाट पहुंचकर बजरे की जियारत की और बेहतर जिंदगी के लिए इमाम से दुआएं मांगी। वहीं, गोमती नदी में अरीजा डाल कर मन्नत मांगी। बजरे का आयोजन अंजमने जहूरे इमामत ने किया था।

शब-ए-बरात

लखनऊ इबादत और मगफिरत का त्योहार शब-ए-बरात पूरी अकीदत से मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने अपने पुरखों की याद में नज्र-नियाज व फातेहा दिलाकर उनकी मगफिरत के लिए दुआएं की और रातभर इबादत की। इस मौके पर कर्बलाओं,कब्रस्तानों,मस्जिदों में विशेष नमाजों और कुरानख्वानी का आयोजन किया गया। लोगों ने दुनिया में न रहे अपने रिश्तेदारों और अजीजों की कब्रों को मोमबत्तियों और तरह-तरह के फूलों व फूलों की चादरों से खूब सजाया था जिससे कब्रस्तान और कर्बलायें जगमगा उठी। देर रात तक लोग अपने पुरखों की कब्रों पर जाते रहे।

कर्बला तालकटोरा,कर्बला मलका जहां, कर्बला इमदाद हुसैन खां,ऐशबाग,आलमबाग वीआईपी रोड,इमामबाड़ा गुफरामाब,इमामबाड़ा आगा बाकर,कुमेदान की बगिया,कर्बला अब्बास बाग,मिसरी की बगिया,कर्बला मुंशी फजले हुसैन, अलीगंज,सुप्पा,डालीगंज,गोमतीनगर गंजे शहीदां, मवैया, गढ़ीकनौरा,सर्वोदयनगर,तकिया मीरन शाह, खदरा, राजाजीपुरम, निशातगंज आदि कब्रस्तानों पर रात भर रौनक रही। लोगों ने यहां पहुंच कर अपने पुरखों की कब्रों पर फातेहा पढ़ा। लोगों ने फातेहा दिलाने के लिए जहां घरों में चने की दाल, रवे का हलवा, पूरी-पराठा बनाया तो कुछ लोगों ने बाजार से हलवा खरीद कर फातेहा दिलवायी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.