
नई दिल्ली : हंसमुख और जिंदादिल स्वभाव वाले तेज़तर्रार पत्रकार विनोद दुआ देश के टेलीविजन पत्रकारों की पहली पीढ़ी का बड़ा नाम रहे उन्होंने दूरदर्शन, एनडीटीवी, सहारा चैनल के लिए काम किया। साल 1996 में रामनाथ गोयनका पत्रकारिता सम्मान पाने वाले पहले टीवी पत्रकार थे। केन्द्र में मनमोहन सिंह सरकार के वक़्त 2008 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। पत्रकारिता में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए मुंबई प्रेस क्लब ने जून 2017 में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट रेड लिंक अवार्ड दिया था सैटेलाइट इंस्ट्रक्शनल टेलिविजन एक्सपेरिमेंट पर 1975 में रायपुर, मुजफ्फरपुर और जयपुर के लिए युवाओं का एक शो युव जन एंकर किया था। उसी साल अमृतसर टीवी के लिए उन्होंने जवान तरंग कार्यक्रम पेश किया।
Senior journalist Vinod Dua passes away, confirms his daughter and actress Mallika Dua. His cremation will take place tomorrow, she posts.
(Pic Source: Vinod Dua Twitter account) pic.twitter.com/CmkSgOrWfP
— ANI (@ANI) December 4, 2021
फिर 1981 में हर रविवार को सवेरे एक पारिवारिक पत्रिका शो आप के लिए शुरू किया जो 1984 तक लोकप्रिय शो रहा। इसी साल दुआ ने प्रणव रॉय के दूरदर्शन पर चुनाव विश्लेषण के कार्यक्रम किए और फिर लगातार वे इन कार्यक्रमों के प्रमुख चेहरे रहे। 1985 में सरकार के मंत्रियों से सीधे सवाल का एक कार्यक्रम जनवाणी को एंकर किया 1987 में वे टीवी टुडे ग्रुप में शामिल हो गए। 1988 में उन्होंने अपनी कंपनी कम्युनिकेशन ग्रुप की शुरुआत की और 1992 में ज़ी टीवी पर चक्रव्यूह शुरू किया। नवम्बर 1992 में दूरदर्शन का सबसे लोकप्रिय साप्ताहिक कार्यक्रम परख की शुरुआत की, जो 1996 तक घर घर में चर्चा का विषय रहा
1997 में दूरदर्शन पर तसवीर ए हिंद कार्यक्रम पेश किया और 1998 में सोनी चैनल पर चुनाव चुनौती शो किया। साल 2000 से 2003 तक वे सहारा टीवी से जुड़ रहे। ख़बरों की दुनिया से अलग एनडीटीवी पर उनका कार्यक्रम ज़ायका इंडिया का बहुत लोकप्रिय रहा। पिछले दिनों दुआ द वॉयर पर जन गण मन की बात एंकर कर रहे थे।
दुआ का जन्म 11 मार्च 1954 को हुआ। उनका परिवार पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान से विभाजन के वक्त दिल्ली आया था।
उन्होंने दिल्ली के हंसराज कॉलेज से अंग्रेजी में स्नातक किया और दिल्ली विश्वविद्यलय से लिट्रेचर में एम ए की डिग्री हासिल की वे स्ट्रीट थियेटर ग्रुप के सक्रिय सदस्य रहे और खूबसूरत आवाज़ के धनी दुआ और पत्नि डॉ चिन्ना दुआ महफिलों की शान हुआ करते थे।उनकी दो बेटियाँ मल्लिका और बकुल हैं मल्लिका ने एक दिन पहले ही अपने इंस्टाग्राम पर उनकी तबियत की गंभीरता का ज़िक्र किया था और कहा था कि हमेशा ज़िंदादिल रहे विनोद दुआ जैसी शख्सियत के लिए बेहतर ज़िंदगी जीना महत्वपूर्ण है लंबी ज़िंदगी से।
अंतिम संस्कार रविवार को
विनोद दुआ लिवर में संक्रमण की वजह से पिछले पांच दिनों से अस्पताल की सघन चिकित्सा कक्ष में भर्ती थे। उनका अंतिम संस्कार रविवार को लोधी श्मशान गृह में दिन में 12 बजे किया जाएगा। दुआ इस साल मई में कोरोना से पीड़ित हुए थे। उसके बाद से उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आती गई। दुआ की पत्नि चिन्ना दुआ का भी कोरोना के बाद इस साल 11 जून को निधन हो गया था।