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कोरोना संक्रमण के कारण नहीं निकला 21रमज़ान का जुलूस

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लखनऊ : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शहादत के मौके पर 21वीं रमजान का जुलूस नहीं निकाला गया हालांकि जुलूस कमेटी ने पहले ही कोरोना संक्रमण के कारण जुलूस न निकालने का ऐलान किया था लेकिन पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रही पुलिस ने पुराने लखनऊ के सहादतगंज थाना क्षेत्र में स्थित नजफ़ इमामबाड़े के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर दिए थे।

हजरत अली अ0स0 की शहादत के मौके पर 21वी रमजान को नजफ इमामबाड़े से कर्बला तालकटोरा तक हजरत अली के ताबूत का जुलूस निकाला जाता था । सुबह तड़के नजफ़ से जुलूस शुरू होकर काज़मैन, मंसूर नगर, विक्टोरिया गंज , बाजार खाला, हैदरगंज बुलाकी अड्डा होता हुआ कर्बला तालकटोरा में संपन्न होता था । साल 2020 में भी कोरोना संक्रमण की वजह से 19वीं और 21वीं रमजान का जुलूस नहीं निकाला गया था और इस बार भी 19वीं रमजान को न तो ग्लीम के ताबूत का जुलूस निकाला गया

21वी रमजान के मौके पर शिया समुदाय के लोगों ने अपने अपने घरों में रात भर मातम कर हजरत अली की याद में आंसू बहाए और अपने-अपने घरों से या अली मौला हैदर मौला के गगनभेदी नारे लगाएं हालांकि जुलूस न निकाले जाने का पहले ही निर्णय लिया जा चुका था लेकिन पुलिस किसी भी तरह की चूक करने के मूड में नहीं थी इसलिए पुलिस के आला अफसर रात भर पुराने लखनऊ के शिया बहुल क्षेत्रों समेत नजफ इमामबाड़े के आसपास ड्यूटी पर मुस्तैद रही ।

पुलिस ने पुराने लखनऊ की कई तंग गलियों में पहले से ही बैरिकेडिंग कर दी थी। आपको बता दें कि हजरत इमाम हुसैन अ0स0 के पिता हजरत अली अ0स0 को मस्जिद ए कूफ़ा में सुबह की नमाज के समय इब्ने मुलजिम के द्वारा 19वीं रमजान को जर्बत मारकर घायल कर दिया गया था 2 दिन बाद 21वीं रमजान की सुबह हजरत अली की शहादत हुई थी । शिया समुदाय के लोग हर वर्ष 19 व 21 रमजान को हजरत अली की याद में जुलूस निकाल कर उनकी शहादत का हम मनाते हैं।

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