
हत्या के मामले में दोषी रामशंकर मौर्य को आजीवन कारावास, लखनऊ की अदालत का फैसला ऑपरेशन कन्विक्शन की बड़ी सफलता
हत्या के मामले में दोषी रामशंकर मौर्य को आजीवन कारावास, लखनऊ की अदालत का फैसला ऑपरेशन कन्विक्शन की बड़ी सफलता
लखनऊ: हत्या जैसे संगीन अपराधों में दोषियों को कठोर सजा दिलाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत लखनऊ की एक अदालत ने मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में दर्ज एक हत्या के मामले में आरोपी रामसंकर मौर्य को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर ₹20,000 का अर्थदंड भी लगाया है, जिसकी अदायगी न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।यह मामला वर्ष 2020 में थाना मोहनलालगंज में दर्ज मु.अ.सं. 362/20 के तहत धारा 302 आईपीसी का है, जिसमें अभियुक्त रामसंकर मौर्य पुत्र महावीर मौर्य, निवासी ग्राम डेहवा, थाना मोहनलालगंज, को नामजद किया गया था। वारदात के बाद से ही पुलिस और अभियोजन विभाग इस मामले की गंभीरता से विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर रहे थे। अंततः दिनांक 22 मई 2025 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, लखनऊ की अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।इस निर्णय को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और अभियोजन विभाग की संयुक्त सफलता माना जा रहा है। पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अमित वर्मा के नेतृत्व में अपराधों पर सख्त नियंत्रण और अपराधियों को सजा दिलाने की नीति पर सघन कार्य किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत इस केस में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई।पुलिस उपायुक्त दक्षिणी निपुण अग्रवाल के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस उपायुक्त अमित कुमावत और सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह और थाना मोहनलालगंज के पैरोकार कांस्टेबल सुनील कुमार के अथक प्रयासों से यह मुकदमा सफलता की परिणति तक पहुंचा। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में सशक्त साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला सिद्ध किया।इस पूरे घटनाक्रम को उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला उन सभी मामलों में एक उदाहरण है, जहां अपराधियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। पुलिस का यह प्रयास आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि न्याय व्यवस्था में आम जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो।
