
पूरे प्रदेश में रविवार को रहेगा लॉकडाउन, मास्क न पहनने पर 1000 जुर्माना

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शुक्रवार को एक अहम फैसला लिया गया है। अब पूरे प्रदेश में रविवार को लॉकडाउन रहेगा। जरूरी सेवाओं को छोड़कर किसी को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। इस दिन प्रदेश की प्रमुख जगहों को सैनेटाइज करने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही अगर आप मास्क नहीं पहनते है तो आप पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और अगर आप दोबारा बिना मास्क के पकड़े गए तो आपको 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।
इससे पहले कोविड प्रबंधन के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, सीएमओ और टीम-11 के सदस्यों साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि लखनऊ में 1000 बेड का नया कोविड हॉस्पिटल स्थापित किया जाए। डिफेंस एक्सपो आयोजन स्थल इसके लिए बेहतर स्थान हो सकता है। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जाए। कोविड टेस्ट के लिए सरकारी और निजी प्रयोगशालाएं पूरी क्षमता के साथ कार्य करें। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। कोविड टेस्टिंग के लिए शासन स्तर पर दरें भी तय की जा चुकी हैं। जिला प्रशासन क्वालिटी कंट्रोल के साथ इन व्यवस्थाओं को लागू किया जाना सुनिश्चित करें।
होम आइसोलेशन में सुविधाओं और जरूरतों पर जोर
इसके साथ ही सीएम ने कहा कि होम आइसोलेशन में निवासरत लोगों की सुविधाओं और जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए। ऐसे मरीजों को सभी प्रकार की आवश्यक दवाओं को समाहित करते हुए मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। मेडिकल किट में न्यूनतम एक सप्ताह की दवा जरूर हो। दवाओं की कहीं कोई कमी नहीं है। इस कार्य की हर दिन समीक्षा की जाए।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में प्रतिदिन डीएम, पुलिस कप्तान और सीएमओ नियत समय पर बैठक करें। स्थानीय स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय करें। अस्पताल में इलाजरत तथा होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की जरूरतों और समस्याओं का पूरा ध्यान रखें। सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से मरीजों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए। हर दिन की स्थिति से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया जाए।
सीएम योगी के लिए एसजीपीजीआई में बेड आरक्षित

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए एसजीपीजीआई के राजधानी कोविड हॉस्पिटल में बेड आरक्षित कर दिया गया है। उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी तो थर्ड फ्लोर के प्राइवेट रूम में भर्ती किया जाएगा। इस कमरे को पूरी तरह सुसज्जित कर दिया गया है। मालूम हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और वे होम आइसोलेशन में हैं।
बता दें कि कोरोना संक्रमित होने के बावजूद सीएम योगी ने नवरात्र में उपवास जारी रखे हुए हैं। उन्होंने पूरे 9 दिन का उपवास रखा है। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास पर ही आइसोलेट रहते हुए दिनचर्या पूरी कर रहे हैं। वह वर्चुअली सारा कामकाज निपटा रहे हैं। गुरुवार को भी उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक टीम-11 के अधिकारियों के साथ कोरोना के नियंत्रण की रणनीति पर विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री आवास पर डॉक्टरों टीम योगी के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार रोजमर्रा के शासकीय कार्यों को निपटाने के साथ साथ योगी संबंधित विभागों व आला अधिकारियों के साथ वर्चुअली संवाद करके कोरोना के खिलाफ लड़ाई की रणनीति भी तैयार कर रहे हैं। गुरुवार शाम को भी सीएम वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात करके कोरोना नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों कीजानकारी प्राप्त करते रहे। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी स्तर पर कोई कोताही न बरतने की सख्त हिदायत दी है।इन्हीं व्यस्तताओं के बीच हर 2 घंटे पर मुख्यमंत्री के बुखार पल्स रेट, ब्लड प्रेशर व ऑक्सीजन लेवल का पूरा ब्यौरा तैयार कराया जा रहा है। डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की सघन निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श दे रहे हैं। मुख्यमंत्री अपने आवास पर आइसोलेशन में रहते हुए कोविड-19 के प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार करा रहे हैं। एहतियात के तौर पर एसजीपीजीआई में उनके लिए बेड भी आरक्षित करा दिया गया ताकि जरूरत पड़े तो उन्हें भर्ती कराया जा सके।
पूर्व मंत्री भगवती सिंह के निधन के 12वें दिन उनके पुत्र राकेश का भी निधन

लखनऊ : में कोरोना संक्रमण जानलेवा होता जा रहा है। प्रतिदिन पांच हजार से ऊपर मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री भगवती सिंह के निधन के 12वें दिन उनके पुत्र राकेश कुमार सिंह (67) का भी निधन हो गया है। वह कोरोना से पीड़ित थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां हैं। उन्होंने रिवर बैंक कॉलोनी स्थित आवास पर अन्तिम सांस ली।
उनके छोटे भाई हृदेश कुमार सिंह भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। आपको बता दें कि 12 दिन पूर्व भगवती सिंह का निधन हो गया था। उन्होंने केजीएमयू को देहदान किया था, लेकिन जब उनके शव का पोस्टमार्टम किया गया तो जांच में कोविड निकला था। इसके बाद केजीएमयू ने शव लेने से इंकार कर दिया था।
सुल्तानपुर में प्रधान प्रत्याशी की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या

सुल्तानपुर : में चांदा कोतवाली के फर्मापुर गांव के प्रधान प्रत्याशी पर बृहस्पतिवार की शाम पड़ोसी गांव में लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। परिजन गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। गांव में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है। चांदा कोतवाली के फर्मापुर निवासी अमरदेव गौतम (50) प्रधान पद का चुनाव लड़ रहे थे। बृहस्पतिवार की रात वे पड़ोसी गांव मुनीपुर निवासी राजेंद्र वर्मा से कुछ बातचीत करने के लिए उनके घर गए थे। इसी बीच कहासुनी के दौरान राजेंद्र वर्मा के घर वालों ने अमरदेव पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
इस बीच हमलावरों ने अमरदेव के चाचा को भी पीट दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजन अमरदेव गौतम को जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। गांव में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है। कोतवाल कृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
श्मशान पहुंचे 182 शव, भैंसाकुंड पर फोटो खींचने या वीडियो बनाने से रोकने के लिए की घेराबंदी

लखनऊ : में कोरोना संक्रमण के बीच मौतों का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को भी गुलाला घाट और भैंसाकुंड बैकुंठ धाम पर कुल 182 शव अंतिम संस्कार के लिए लाए गए। इसमें 30 फीसदी से ज्यादा शव संक्रमित बताए गए।वहीं बुधवार को बड़ी संख्या में चिताओं के जलने की फोटो व वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम ने भैंसाकुंड पर टिनशेड से घेराबंदी करा दी। आरोप है कि फोटो या वीडियो बनने से रोकने के लिए ऐसा किया गया। हालांकि, नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी का कहना है कि लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए कुछ भाग में ही घेराबंदी की गई है।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही घेराबंदी का काम शुरू हो गया था। अंत्येष्टि स्थल के सामने की बंधा रोड की तरफ और अंदर भी संक्रमित शवों के लकड़ी से हो रहे अंतिम संस्कार की तरफ घेराबंदी की गई है। नगर आयुक्त का कहना है कि अंदर लोग सामान्य अंत्येष्टि स्थल की तरफ से संक्रमित शवों के लिए तय जगह में पूर्व में बल्लियों की बेरीकेडिंग फांद कर आ जा रहे थे। वहां आवाजाही सीमित करने के लिए घेराबंदी कराई गई है। वहीं बंधा रोड के दूसरी तरफ आबादी है। ऐसे में उधर राख या दूसरे माध्यम से संक्रमण के जाने से रोकने के लिए घेराबंदी हुई है। बृहस्पतिवार को भैंसाकुंड पर अंतिम संस्कार के समय एक शेड में आग लग गई। इसे कर्मचारियों ने बुझाया।