
चाहे हजार हमले कराओ, चंदा चोरों को बेनकाब करके रहूंगा : संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने खुद पर हुए हमले में बताया भाजपा का हाथ
लखनऊ : राम मंदिर के नाम पर जमीन खरीद में घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के ऊपर पर दिल्ली स्थित उनके आवास पर कुछ उपद्रवियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया।उपद्रवियों ने वहां तोड़फोड़ करने के साथ नेम प्लेट पर कालिख भी पोती। इस मामले में राज्यसभा सांसद ने भाजपा नेताओं का हाथ बताया है। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की है, लेकिन आरोप भी लगाया है कि पुलिस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं करेगी। संजय सिंह ने उपराष्ट्रपति को मामले का संज्ञान दिलाने की बात कहते हुए कहा कि चाहे मेरे ऊपर हजार हमले करवा लो लेकिन मैं चंदा चोरों को बेनकाब करके रहूंगा।
हमले के बाद प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सारे नेता मेरे ऊपर हमला कराने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। मैं भाजपा नेताओं को कहना चाहता हूं कि मेरी हत्या करवा लो या चाहे एक हजार हमले करवाओ, लेकिन चंदा चोरों को बेनकाब करके मानूंगा। चंदा चोरों को जेल भिजवा कर मानूंगा। मैं बार-बार यह सवाल उठाऊंगा कि दो करोड़ की जमीन 5 मिनट में 18.50 करोड़ में क्यों खरीदी गई। चंदा चोरों को जेल में भेजना चाहिए, लेकिन उसकी जगह भाजपा मेरे ऊपर हमले करवा रही है। कल से पूरी भारतीय जनता पार्टी की लीडरशिप, कोई मंत्री कोई उपमुख्यमंत्री कह रहा है इसको मारो, इसको काटो, इसको जेल में डालो। भले ही मुझे काट डालो मगर मैं राम के नाम पर चंदा चोरी करने वालों को बेनकाब किए बिना नहीं मानूंगा।
मैंने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है और पुलिस वाले लोगों को पकड़कर भी ले गए हैं, लेकिन कुछ करेंगे नहीं। कुछ महीने पहले मुझे मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाने की धमकी दी गई, लेकिन कुछ नहीं किया गया। योगी और उनकी पुलिस ने मेरे ऊपर 14-14 मुकदमे दर्ज करा दिए, जिसमें राष्ट्रद्रोह का मुकदमा भी है। मेरी पार्टी का दफ्तर बंद करा दिया, सब कुछ कर दिया जिससे कि मैं खामोश हो जाऊं लेकिन उसके बावजूद मैं प्रभु श्री राम के मंदिर में के नाम पर जो करोड़ों का घोटाला किया गया है उन चंदा चोरों को बेनकाब करूंगा और उनको जेल भिजवाऊंगा। साथ ही इस मामले की जानकारी उप राष्ट्रपति को दूंगा। उधर, हमले की सूचना से पार्टी की यूपी ईकाई में रोष व्याप्त है। प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने इस दुस्साहसिक घटना की निंदा करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। यदि प्रकरण में शीघ्र संतोषजनक कार्रवाई होती नहीं दिखी तो आम आदमी पार्टी गुंडागर्दी पर आमादा भाजपा सरकार सहित चंदा चोरों के खिलाफ सड़क पर आंदोलन छेड़ेगी।
सरकार के बाद अब संगठन की समीक्षा में जुटा भाजपा हाईकमान

लखनऊ : चुनावी मोड़ में आ चुका भाजपा हाईकमान अब तेजी से संगठनात्मक खामियों को दूर करने में जुट गया है। इसकी कमान खुद गृहमंत्री अमित शाह ने संभाल ली है। उन्होंने सरकार के बाद अब संगठन की समीक्षा शुरू कर दी है। उन्होंने इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से की है। गृहमंत्री जल्द ही कई जिलों के पदाधिकारियों और पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं से संगठन के बारे में फीडबैक लेंगे।
सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्री एक-एक करके सभी बड़े जिलों में पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से संगठन के रंग-ढंग और क्रियाकलापों के बात करेंगे। गृहमंत्री संगठन में तमाम खाली पदों पर अब तक नियुक्ति न होने को लेकर भी बात करेंगे। वहीं ब्लाक, जिला, मंडल व क्षेत्रीय स्तर पर संगठन में जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारियों की योग्यता के बार में जानकारी जुटाएंगे। सूत्रों का कहना है कि गृहमंत्री जल्द ही लखनऊ या वाराणसी पहुंचकर प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं। हाल में ही भाजपा हाईकमान ने पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह को लखनऊ भेजा था। दोनों राष्ट्रीय नेताओं ने तीन दिन तक लखनऊ में रहकर सरकार व संगठन के कामकाज की समीक्षा कर हाईकमान को अपनी रिपोर्ट दे दी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दिल्ली जाकर अपना पक्ष रख आए हैं।
अब हाईकमान की नजर सांगठनिक खामियों पर है। चूंकि हाईकमान का मानना है कि जब तक जमीनी स्तर पर पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं होंगे, तब तक आगामी चुनाव में भाजपा की फिजां नहीं बन पाएगी। इसके मद्देनजर अमित शाह ने कमान संभाल ली है। संगठन की जमीनी हकीकत की पड़ताल करते हुए वह एक-एक बिंदु पर जानकारी ले रहे हैं। उनका खास फोकस पार्टी के पुराने, निष्ठावान, अनुभवी व क्षमतावान कार्यकर्ताओं को संगठन में अहमियत देने पर है।
बसपा विधायकों ने की अखिलेश यादव से मुलाकात

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी के कुछ विधायकों की मंगलवार सुबह सपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की चर्चा है। यह मुलाकात विधान परिषद चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर अहम मानी जा रही है। खास बात यह है कि मुलाकात करने वालों में पांच ऐसे विधायक हैं जिन्हें बसपा ने पहले ही निष्कासित कर रखा है।
समाजवादी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि सपा के शीर्ष नेतृत्व से कुछ समय पहले से ही बसपा विधायकों की बातचीत चल रही थी। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी सोमवार देर शाम दिल्ली से लखनऊ पहुंचे हैं। रात में ही मुलाकात की रूपरेखा तैयार की गई। सुबह करीब 9:00 बजे बसपा से पहले निष्कासित किए जा चुके विधायकों से पार्टी के चार अन्य विधायकों ने मुलाकात की। इसके बाद यह सभी एकजुट होकर सपा नेतृत्व से मिलने पहुंचे।
बसपा विधायकों के समाजवादी पार्टी में शामिल होने पर अभी संशय बना हुआ है। इन की राह में दल बदल कानून का रोड़ा है। यह सपा विधायक दल मंडल में भी शामिल नहीं हो सकते हैं। इसके लिए पहले विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपना पड़ेगा। ऐसे में सपा के रणनीतिकार चाहते हैं कि विधान परिषद चुनाव से पहले किसी तरह की बाधा ना आए संभावना है कि विधान परिषद चुनाव के बाद ही अगला कदम आगे बढ़ाएंगे। बसपा विधायकों का समर्थन मिलने के बाद समाजवादी पार्टी 3 विधान परिषद सदस्य आसानी से जिता लेगी।
प्रदेश के 50 लाख बच्चों को मिलेगी मेडिकल किट

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के 50 लाख बच्चों को निशुल्क मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाएगी। पहले चरण में 17 लाख किट का वितरण होगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास से किट लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बारिश का मौसम शुरू होने के बाद बच्चों की सेहत का ख्याल रखना जरूरी है। निगरानी समितियां गांव गांव जाकर किट का वितरण करेंगे और इस दौरान किसी भी बच्चे में बीमारी मिली तो उसका तत्काल इलाज किया जा सकेगा। पहले चरण में 17 लाख किट का वितरण किया जाएगा। दूसरे चरण के लिए 33 लाख कीट तैयार कराई जा रही है। किट में वायरल बुखार से संबंधित दवाएं हैं। इसमें 0 से 1 वर्ष, 1 से 5 वर्ष, 5 से 12 वर्ष और 12 से 18 वर्ष तक के लिए अलग-अलग किट है। निगरानी समितियां परिवार में मौजूद बच्चे की उम्र के हिसाब से मेडिकल किट उपलब्ध कराएंगे। इस दौरान उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मायावती ने प्रतापगढ़ में टीवी पत्रकार की हत्या की निष्पक्ष जांच कराने की मांग

लखनऊ : बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रतापगढ़ में टीवी पत्रकार की हत्या की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। बसपा अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा है कि यूपी में शराब माफियाओं आदि का आतंक किसी से भी छिपा हुआ नहीं है। इनके काले कारनामों को उजागर करने पर ताजा घटना में प्रतापगढ़ जिले के टीवी पत्रकार की नृशंस हत्या अति-दुःखद है। उन्होंने सरकार से घटना की अविलम्ब निष्पक्ष व विश्वसनीय जाँच कराकर दोषियों को सख्त सजा सुनिश्चित कराने की मांग की है।