
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में दिखाएं तत्परता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण में तत्परता दिखाएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बच्चों में संचारी रोगों की स्क्रीनिंग एवं सर्विलांस का कार्य अभियान वरीयता केअधार पर किया जाए। कोविड नियंत्रण के लिए टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट के साथ ही प्रोटोकाल का पालन कराया जाए। पुलिस पेट्रोलिंग करती रहे ताकि कहीं भीड़ इकट्ठी ना होने पाए। वह गुरुवार को टीम 9 की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण नियंत्रित स्थिति में है लेकिन कोरोना वायरस समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए संक्रमण की रोकथाम के पूरी सतर्कता एवं सावधानी बरती जाए। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 कोविड बेड बढाए गए हैं। इसमें 50 बेड आइसोलेशन एवं 25 आईसीयू बेड हैं। इसी तरह पीआईसीयू व एनआईसीयू भी तैयार किए जा रहे हैं।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। विगत 24 घण्टों में 338 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास पांच दिन से अधिक के बैकअप हैं। राज्य में कार्यशील, निर्माणाधीन एवं स्वीकृत कुल ऑक्सीजन प्लांट की संख्या 441 हो गई है। इनमें से 100 ऑक्सीजन संयंत्र क्त्रिस्याशील हो गए हैं।
प्रदेश में अब तक दो करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की प्रथम डोज दी जा चुकी है। जबकि 39 लाख 11 हजार लोगों को दोनों डोज मिल चुकी है। इसी प्रकार 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को भी अब तक कोरोना वैक्सीन की 50 लाख से अधिक प्रथम डोज दी जा चुकी है। 24 घंटों में 03 लाख 64 हजार 723 लोगों का टकाकरण किया गया है। इस तरह अब तक दो करोड़ 42 लाख 57 हजार से अधिक वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
अजय कुमार लल्लू के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

लखनऊ : कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव सुनील राय ने प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। सुनील राय ने बताया कि नववर्ष पर पार्टी मुख्यालय पर बधाई देते हुए उन्होंने होर्डिंग लगाया था। इससे लल्लू भड़क गए और उनके साथ अभद्रता की। उन्होंने लल्लू से जान का खतरा बताते हुए कहा कि पुलिस ने हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। चार्जशीट दाखिल होने से पहले वे धाराएं बढ़वाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लल्लू पर पार्टी को प्रदेश में खत्म करने का आरोप भी लगाया।
निजी विवाद के मुद्दे पर पीआईएल स्वीकार्य नहीं

लखनऊ : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में कहा कि दो विरोधी समूहों के बीच निजी विवाद संबंधी किसी मुद्दे को जनहित याचिका के रूप में ग्रहण नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने इस विधि व्यवस्था के साथ प्रदेश में एंबुलेंस आपूर्ति के टेंडर विवाद को लेकर दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह फैसला अधिवक्ता गुरमीत सिंह सोनी की जनहित याचिका पर दिया।
याची का कहना था कि कोरोना काल में सहूलियतें बढ़ाने के लिए एंबुलेंस सेवाओं की आपूर्ति के लिए टेंडर निकाले गए। इसके लिए संबंधित प्राधिकारी ने एक पक्षकार की तकनीकी बिड मंजूर कर ली, जबकि इसी पक्षकार को मध्य प्रदेश की नेशनल हेल्थ मिशन योजना में एंबुलेंस आपूर्ति के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया था। ऐसे में टेंडर संबंधी उसकी बोली को मंजूर नहीं किया जाना चाहिए था। पर, सरकारी अफसरों ने इसकी अनदेखी करते हुए 21 मई को पक्षकार की बोली मंजूर कर ली। इस पर याची ने पक्षकार को टेंडर का लेटर ऑफ इंटेंट जारी न किए जाने की गुजारिश की थी।
उधर, याचिका का विरोध करते हुए सरकारी वकील का कहना था कि यह याचिका असफल बोली लगाने वाले की टेंडर प्रक्रिया में अड़ंगा डालने की कोशिश लगती है। जिसे पीआईएल के रूप में दायर किया गया। यह पीआईएल के उद्देश्य को दूषित करने वाली होने की वजह से खारिज करने लायक है। कोर्ट ने कई नजीरों का हवाला देते हुए फैसला दिया कि दो विरोधी समूहों के बीच निजी विवाद संबंधी किसी मुद्दे को जनहित याचिका के रूप में ग्रहण नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
12वीं के रिजल्ट का फॉर्मूला तय

लखनऊ : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों को कक्षा 9वीं के 50 प्रतिशत और कक्षा 10वीं प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के 10 प्रतिशत अंक देकर परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा। वहीं इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को 10वीं कक्षा के 50 प्रतिशत, 11वीं कक्षा के 40 प्रतिशत और 12वीं प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के दस प्रतिशत अंक देकर परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने विभिन्न स्तर से रायशुमारी के बाद ड्राफ्ट तैयार किया है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा को रद्द किया गया है। प्रदेश सरकार ने हाई स्कूल के 29,94,312 और इंटरमीडिएट के 26,10.316 परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा के उत्तीर्ण करने का निर्णय किया है। हाई स्कूल और इंटरमीडिए बोर्ड परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए एसीएस आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटीृ को 3910 सुझाव मिले हैं। प्रदेश के विधायकों, शिक्षा विदें, अभिभावकों, शिक्षकों ने इसमें सुझाव दिए हैं। सभी सुझावों का अध्ययन कर समिति ने विद्यार्थियों के हित में समिति रिपोर्ट तैयार की है।
सीबीएसई में पठन पाठन की प्रक्रिया अलग है। यूपी बोर्ड में पठन-पाठन अलग है। यूपी बोर्ड में पहली बार प्री-बोर्ड परीक्षा हुई है जबकि सीबीएसई में पिछले लंबे समय से प्री-बोर्ड हो रहा है। कृषि, शारीरिक शिक्षा के लिए अलग-अलग फार्मूला होगा। समिति की ओर से तैयार ड्राफ्ट का 20 जून तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद उसे लागू किया जाएगा।
बताया जाता है कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड में बिना परीक्षा के उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों को आगामी समय में होने वाली बोर्ड परीक्षा में अंक सुधार का मौका दिया जाएगा। परीक्षार्थी एक विषय या सभी विषय में परीक्षा देकर अपना परिणाम सुधार सकेंगे। उस समय उनसे परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसलिए परीक्षार्थियों से लिया गया परीक्षा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।
यदि किसी विद्यार्थी ने कक्षा 9 में अंग्रेजी विषय में 100 में से 80 नंबर प्राप्त किए थे। तो 50 प्रतिशत अंक के आधार पर 9वीं कक्षा के 40 अंक दिए जाएंगे। कक्षा 10 की प्री-बोर्ड में अंग्रेजी विषय में 100 में से 60 अंक प्राप्त किए हैं तो 50 प्रतिशत के आधार पर प्री-बोड 4 के 30 अंक लिए जाएंगे। इस तरह हाई स्कूल में परीक्षार्थी को अंग्रेजी विषय में 100 में से 70 अंक दिए जाएंगे।
यदि किसी विद्यार्थी ने 10वीं बोर्ड की परीक्षा में हिन्दी विषय में 100 में से 70 अंक प्राप्त किए थे तो 50 प्रतिशत के आधार पर 10वीं कक्षा के 35 अंक लिए जाएंगे। 11वीं कक्षा में विद्यार्थी ने हिन्दी में 100 में से 60 अंक प्राप्त किए थे तो 40 प्रतिशत के आधार पर 11वीं कक्षा के 24 अंक लिए जाएंगे। 12वीं की प्री-बोर्ड में हिन्दी में 100 में से 60 अंक प्राप्त किए हैं तो दस प्रतिशत के आधार पर प्री-बोर्ड के 6 अंक लिए जाएंगे। इस प्रकार परीक्षार्थी को इंटरमीडिएट में हिन्दी विषय में 65 प्रतिशत अंक दिए जाएंगे।
कोरोना के गंभीर मरीजों में 98 फीसदी बिना टीके वाले

लखनऊ : प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में भर्ती कोरोना के गंभीर मरीजों में 98 फीसदी बिना टीके वाले हैं। जो लोग टीका लगवाने के बाद कोविड की चपेट में आए और अस्पताल में भर्ती कराए गए, वे जल्दी ठीक हो गए। फिलहाल इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वर्तमान में एक्टिव केस की संख्या घटकर 6,019 हो गई है। इनमें से करीब पांच सौ मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। लखनऊ के पीजीआई में 30, केजीएमयू में 50 और लोहिया संस्थान में 10 मरीज भर्ती हैं। इनमें से ज्यादातर अति गंभीर हैं। पर, खास बात यह है कि इनमें से 98 फीसदी मरीज बिना टीका वाले हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी बताते हैं कि अस्पताल में भर्ती मरीजों में दी फीसदी टीका वाले हैं, लेकिन उनमें दूसरी कई गंभीर बीमारियां हैं।
वहीं, एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमान कहते हैं कि टीका लगवाने वाले भी वायरस की चपेट में आ सकते हैं, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती है। ऐसे ज्यादातर लोग होम आइसोलेशन में ठीक हुए हैं। कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए हर व्यक्ति को जल्द टीका लगवाना चाहिए। केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि इन दिनों भर्ती मरीजों में ज्यादातर बिना टीके वाले हैं। पहले भी जो मरीज भर्ती हुए थे अथवा जिनकी मौत हुई थी, उनमें भी 95 फीसदी बिना टीके वाले थे। इससे साफ है कि जिन्होंने टीका लगवाया था, उन पर वायरस का असर कम हुआ है। पहला टीका लगवाने के बाद कुछ लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं, लेकिन वे जल्दी ठीक हो गए हैं।
बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 18 जुलाई को

लखनऊ : बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा 18 जुलाई को होगी। परिणाम 5 अगस्त को जारी किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया है। विभाग के विशेष सचिव मनोज कुमार ने लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति को परीक्षा की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मनोज कुमार के अनुसार बीएड प्रवेश परीक्षा में उतीर्ण अभ्यर्थियों ऑनलाइन काउंसिलिंग 10 अगस्त से होगी। बीएड का सत्र 30 अगस्त से शुरू होगा। उल्लेखनीय है कि पहले 19 मई को परीक्षा प्रस्तावित की गई थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते परीक्षा को स्थगित किया गया था। विभाग ने बीएड प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग में शामिल होने वाले महाविद्यालयों की संबद्धता की अवधि भी 31 जुलाई तक बढ़ाने के आदेश जारी किए है।