
लखनऊ में अवैध गोवंश वध पर बड़ी कार्रवाई, न्यायालय ने ट्रक को राज्य के पक्ष में किया अधिहृत
लखनऊ: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के मा. न्यायालय, पुलिस आयुक्त ने अवैध गोवंश वध में प्रयुक्त एक ट्रक को राज्य के पक्ष में अधिहृत (कंफिस्केट) करने का आदेश पारित किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम यथासंशोधित 2020 के तहत की गई है।मामला थाना गोसाईगंज, लखनऊ का है, जहां 12 अगस्त को मुकदमा संख्या 207/2025 धारा 318(2) बीएनएस, धारा 3/5/8 उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम एवं धारा 11(1)ई पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि वाहन संख्या UK08 CA3247 (ट्रक) का उपयोग गोवंश के अवैध परिवहन और वध के लिए किया गया। पुलिस की रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना किसी लाइसेंस के गोवंश का परिवहन और व्यापार अधिनियम के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है।इस मामले पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने वाहन स्वामी को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। वाहन स्वामी की ओर से अधिवक्ता ने ट्रक को वापस दिलाए जाने की दलील दी, जबकि राज्य की ओर से संयुक्त निदेशक अभियोजन लखनऊ अवधेश कुमार सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर यह तर्क रखा कि ट्रक का प्रयोग अधिनियम के विपरीत किया गया है, इसलिए इसे राज्य के पक्ष में अधिहृत किया जाना चाहिए।पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने 18 अगस्त 2025 को खुले न्यायालय में आदेश पारित किया कि ट्रक संख्या UK08 CA3247 को राज्य के पक्ष में अधिहृत किया जाए।यह फैसला न केवल पुलिस और अभियोजन की बड़ी सफलता है बल्कि प्रदेश में अवैध गोवंश वध और पशु तस्करी के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का भी स्पष्ट संदेश देता है।
