
लखनऊ: प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल सुधार, 500 करोड़ की 84 नई स्वास्थ्य इकाइयों का लोकार्पण
लखनऊ: प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल सुधार, 500 करोड़ की 84 नई स्वास्थ्य इकाइयों का लोकार्पण
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में 2017 के बाद आमूलचूल बदलाव किए गए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बुधवार को इंदिरा नगर स्थित राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (ट्रेनिंग सेंटर) में 500 करोड़ रुपए मूल्य की 84 नई स्वास्थ्य इकाइयों के शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह में यह जानकारी दी।डिप्टी सीएम ने कहा कि पूर्व की सरकारों में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। वर्तमान सरकार की प्राथमिकता आमजन को उच्चस्तरीय गुणवत्तापरक उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए अस्पतालों को अपग्रेड किया गया है, अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना की गई है, और चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टाफ की संख्या भी बढ़ाई गई है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 65 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता के साथ कार्यरत हैं, जबकि 18 नए मेडिकल कॉलेज भी खोले गए हैं। इसके साथ ही 27 नए पैरा मेडिकल कॉलेज भी स्थापित किए गए हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि हर दिन प्रदेश के अस्पतालों में दो लाख से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं, इसमें चिकित्सा शिक्षा संस्थानों से जुड़े मरीज शामिल नहीं हैं।500 करोड़ की नई स्वास्थ्य परियोजनाएँ:आज के समारोह में लखनऊ समेत सीतापुर, गोरखपुर, आगरा, गाजीपुर, कौशाम्बी, बस्ती, मुजफ्फरनगर, अयोध्या, अलीगढ़, गोंडा, बागपत, बलरामपुर, हाथरस, बदायूं, जालौन, एटा, मऊ, बलिया, भदोही, कानपुर नगर, मिर्जापुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बिजनौर, संभल, चंदौसी, कुशीनगर, महाराजगंज, अमरोहा, फतेहपुर, संतकबीर नगर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, ललितपुर, हमीरपुर, अम्बेडकर नगर, अमेठी, सुल्तानपुर, उन्नाव, कानपुर देहात, बांदा, सिद्धार्थनगर, शामली, हापुड़, रायबरेली, जौनपुर, मथुरा, मैनपुरी में नई स्वास्थ्य इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। इनमें सीतापुर जनपदीय चिकित्सालय (200 शैय्या) विशेष रूप से उल्लेखनीय हैएक वर्ष में रिकॉर्ड मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन:डिप्टी सीएम ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 108 जनपदीय चिकित्सालय, 259 विशिष्ट चिकित्सालय, 972 सीएचसी, 3,735 पीएचसी, 25,774 स्वास्थ्य उपकेंद्र और 22,681 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित हैं। पिछले वर्ष प्रदेश में 13 नए राजकीय मेडिकल कॉलेज और तीन नए पीपीपी मोड के मेडिकल कॉलेज खोले गए, जो एक वर्ष में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।आयुष्मान योजना में प्रगति:उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक पांच करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। 57 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क उपचार मिला है, जिसकी कुल लागत लगभग 9,000 करोड़ रुपये सरकार ने वहन की है।स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल निगरानी:डिप्टी सीएम ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य क्षेत्र में 21,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों की पारदर्शी भर्ती और प्रशिक्षण से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। जिला अस्पतालों में हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से पूरे प्रदेश में 5,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों द्वारा निगरानी की जाती है।डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट किया कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ भारत मिशन को साकार करने के लिए सभी प्रयास कर रही है और हर नागरिक को गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।
