
लखनऊ मेट्रो ईस्ट–वेस्ट कॉरिडोर को मिली रफ्तार, कास्टिंग यार्ड और डिपो के लिए जमीन तय
लखनऊ | शहर विकास समाचार: राजधानी लखनऊ में मेट्रो के बहुप्रतीक्षित ईस्ट–वेस्ट कॉरिडोर (East-West Corridor) के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और मेट्रो अधिकारियों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में कास्टिंग यार्ड और डिपो के लिए भूमि आवंटन पर सहमति बन गई है।
शुक्रवार को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मेट्रो परियोजना से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें भूमि हस्तांतरण को लेकर ठोस निर्णय लिए गए।
कास्टिंग यार्ड और डिपो के लिए जमीन का आवंटन
मेट्रो परियोजना में पिलर और गर्डर जैसे भारी ढांचे तैयार करने के लिए कास्टिंग यार्ड की आवश्यकता होती है। इसके लिए बसंतकुंज योजना के सेक्टर-के में 6 हेक्टेयर भूमि और राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास स्थित अस्थायी पार्किंग की 6.5 एकड़ भूमि मेट्रो को दी जाएगी। इस प्रकार कुल लगभग 12.5 हेक्टेयर भूमि कास्टिंग यार्ड के लिए हस्तांतरित की जाएगी।
वहीं, बसंतकुंज योजना के सेक्टर-ए के दक्षिणी भाग में लगभग 18 हेक्टेयर भूमि को मेट्रो डिपो निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है।
मछली मंडी का होगा विस्थापन
डिपो के लिए चयनित भूमि में वर्तमान दुबग्गा मछली मंडी की जमीन भी शामिल है। इस संबंध में एलडीए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मछली मंडी को आगरा एक्सप्रेस-वे पर प्रस्तावित वरुण विहार योजना में स्थानांतरित किया जाएगा। व्यापारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वहां उतनी ही भूमि आवंटित की जाएगी।
अन्य प्रमुख स्थानों का होगा सर्वे
मेट्रो अधिकारियों ने चौक, चारबाग और गौतम बुद्ध मार्ग जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी निर्माण कार्य के लिए जमीन की आवश्यकता जताई है। एलडीए उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन प्रस्तावित स्थानों का शीघ्र सर्वे कर एनओसी जारी की जाए।
जिन जमीनों का स्वामित्व नगर निगम के पास है, उनके रिकॉर्ड एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर सचिव सी.पी. त्रिपाठी, मुख्य नगर नियोजक के.के. गौतम और मेट्रो के वरिष्ठ अभियंता भी उपस्थित रहे।
