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लखनऊ: दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फरार आरोपी पवन बरनवाल गिरफ्तार

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लखनऊ: दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फरार आरोपी पवन बरनवाल गिरफ्तार

लखनऊ: लखनऊके महानगर थाना क्षेत्र में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला 30 अप्रैल 2025 को सामने आया था, जब एक 24 वर्षीय युवती का शव महानगर स्थित भीखमपुर, पेपरमिल रोड पर किराए के कमरे में मिला था। इस गंभीर मामले में वांछित आरोपी पवन कुमार बरनवाल को पुलिस ने 6 मई को खाटू श्याम मंदिर के पास उत्तरायणी मेला मैदान के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया।मूल रूप से जनपद सीतापुर के थाना सिधौली क्षेत्र स्थित नरोत्तमनगर का रहने वाला पवन बरनवाल लखनऊ में बैडमिंटन कोच के रूप में काम करता था और वर्तमान में महानगर क्षेत्र के भीखमपुर में निवास कर रहा था। पवन की बातचीत वादी की पुत्री से होती थी और 30 अप्रैल को उसने युवती को अपने किराए के कमरे पर बुलाया था। कुछ समय बाद मृतका की चचेरी बहन को भी वहां बुलाया गया, जिसने कमरे के भीतर जाकर देखा कि उसकी बहन मृत अवस्था में पड़ी है। उसने तुरंत घर लौटकर परिजनों को सूचना दी, जिन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर कॉल कर मामले की जानकारी दी।घटना की जानकारी मिलते ही महानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फील्ड यूनिट की मदद से घटनास्थल की बारीकी से जांच कराई गई। इसके बाद शव का पंचायतनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। युवती की मौत को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए और अगले दिन 1 मई को थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर थाना महानगर में मुकदमा दर्ज किया गया।शुरुआत में पुलिस ने आरोपी पवन बरनवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 103(1) बीएनएस व अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(V) के तहत एफआईआर पंजीकृत की थी। विवेचना के दौरान धारा 103(1) बीएनएस के पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उसे हटाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 108 को जोड़ा गया।घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। आखिरकार 6 मई को थाना महानगर की पुलिस टीम ने उसे खाटू श्याम मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप निरीक्षक वेद प्रकाश यादव, उप निरीक्षक सत्येंद्र कुमार, उप निरीक्षक हिमांशु प्रताप सिंह, उप निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद और कांस्टेबल बिरंजन पाल शामिल थे।पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं की जांच भी जारी है। युवती की मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस अब पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे यह तय किया जा सके कि उसकी मृत्यु दुर्घटनावश हुई या आत्महत्या थी, या फिर इसे किसी अन्य एंगल से देखा जाना चाहिए।घटना ने एक बार फिर लखनऊ शहर में महिलाओं की सुरक्षा और रिश्तों में विश्वास के संकट जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रत्येक बिंदु की गहनता से जांच कर रही है।

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