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डायल 112 की सेवाओं को जनोन्मुखी बनाने के लिए लखनऊ पुलिस ने आयोजित की विशेष कार्यशाला

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डायल 112 की सेवाओं को जनोन्मुखी बनाने के लिए लखनऊ पुलिस ने आयोजित की विशेष कार्यशाला

लखनऊ: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा डायल 112 आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता, दक्षता और जन-संवेदनशीलता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शनिवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित संगोष्ठी सदन में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के मार्गदर्शन में, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अमित वर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार और पुलिस उपायुक्त 112 आशीष कुमार श्रीवास्तव की निगरानी में किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डायल 112 से जुड़े 130 पीआरवी कर्मियों ने भाग लिया। कार्यशाला में आपातकालीन सेवा प्रणाली को अधिक प्रभावशाली और जनोन्मुखी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसमें रिस्पांस टाइम को बेहतर करने, जनता के प्रति पुलिस के व्यवहार को अधिक संवेदनशील बनाने और ड्यूटी के दौरान कर्मियों के शिष्ट और अनुशासित आचरण को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा हुई।कार्यक्रम में यूनिसेफ की विशेषज्ञ रिजवाना परवीन ने प्रतिभागियों को लैंगिक समानता, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम कानून (2013), और महिलाओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान महिला नागरिकों और सहकर्मियों के प्रति पूरी मर्यादा, सम्मान और सहानुभूति के साथ व्यवहार करना चाहिए ताकि जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बन सके।कार्यशाला के दौरान यह जानकारी दी गई कि लखनऊ कमिश्नरेट को प्रदेश में सर्वाधिक आपातकालीन कॉल्स प्राप्त हो रही हैं। इस दबाव के बावजूद डायल 112 लखनऊ ने अपनी सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखते हुए प्रदेश के टॉप 25 जिलों में स्थान प्राप्त किया है, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।पुलिस अधिकारियों ने निर्देश दिए कि फील्ड ड्यूटी पर तैनात कर्मी बॉडीवॉर्न कैमरों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, टर्नआउट में अनुशासन लाएं और आपातकालीन उपकरणों जैसे एंटी-रायट किट को हमेशा उपलब्ध रखें। साथ ही, कॉलर की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विश्वास में लेकर उसका समाधान सुनिश्चित करने और उच्चाधिकारियों को यथासमय सूचित करने को प्राथमिकता दीजाएकार्यशाला के समापन पर पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण न केवल पुलिस कर्मियों की कार्यकुशलता में वृद्धि करेंगे, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी औरसंवेदनशीलता को भी सशक्त बनाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रयास अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता के विश्वास को मजबूत करने में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।

 

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