
मोहर्रम के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु लखनऊ पुलिस की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन से निगरानी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी सक्रिय
मोहर्रम के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु लखनऊ पुलिस की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन से निगरानी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी सक्रिय
लखनऊ: मोहर्रम माह की शुरुआत 27 या 28 जून से होने जा रही है, और इसी के साथ लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने राजधानी में परम्परागत जुलूसों व मजलिसों के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था लागू कर दी है। शाही जरी का जुलूस पहली मोहर्रम को सायं 5 बजे से रात 9 बजे तक बड़ा इमामबाड़ा, चौक से छोटा इमामबाड़ा, ठाकुरगंज होते हुए पारंपरिक मार्गों से गुजरेगा।इस जुलूस और आगामी मोहर्रम आयोजनों के सुचारु संचालन हेतु पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से 18 अपर पुलिस उपायुक्त, 54 सहायक पुलिस आयुक्त, 114 निरीक्षक, 868 उपनिरीक्षक, 87 महिला उपनिरीक्षक, 2273 कांस्टेबल/मुख्य आरक्षी, 654 महिला आरक्षी, 15 पीएसी कंपनियां और 1 एटीएस कंपनी की तैनाती की गई है। इस संपूर्ण सुरक्षा योजना की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी।विभिन्न धर्मगुरुओं, विभागाध्यक्षों और स्थानीय समितियों के साथ पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कर समन्वय स्थापित किया गया है। शहर को 5 जोन और 16 सेक्टरों में बांटा गया है, जबकि संवेदनशील स्थानों जैसे टीले वाली मस्जिद, मरीमाता मंदिर, दरिया वाली मस्जिद, पाटानाला, नक्खास, पुलगांवा, चौपटिया, चारबाग, नबीउल्ला रोड, महबूबगंज सहित मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।सुरक्षा के मद्देनजर इन इलाकों में एंटीसेबोटाज चेकिंग, एक्सेस कंट्रोल, ड्रोन कैमरों से निगरानी, 31 क्लस्टर मोबाइल टीमें, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और 20 पीआरवी बाइक के साथ निरंतर चेकिंग एवं पेट्रोलिंग की जाएगी। CCTV कैमरों के माध्यम से भी इन क्षेत्रों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। जुलूस मार्ग की ऊंची इमारतों पर रूफटॉप ड्यूटी तैनात की गई है, जबकि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी जुलूस के साथ रहेंगी।सुरक्षा बलों द्वारा फ्लैग मार्च तथा दंगा नियंत्रण योजना का पूर्वाभ्यास भी किया जा रहा है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए डायवर्जन मार्ग, बैरिकेडिंग और रेसर मोबाइल की ड्यूटी लगाई गई है।भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मी, एंटी रोमियो स्क्वॉड, पिंक पेट्रोल और 112 टीमों को तैनात किया गया है। ये टीमें सक्रिय रूप से क्षेत्रों में भ्रमण कर सतर्कता बनाए रखेंगी।साथ ही सोशल मीडिया की भी 24 घंटे निगरानी की जा रही है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर तकनीकी टीमें (सर्विलांस सेल) संदिग्ध और भड़काऊ पोस्टों पर नजर रखेंगी। किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी के सामने आते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित सामग्री को हटवाया जाएगा और कानूनी कार्यवाही की जाएगी।लखनऊ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
