
लखनऊ : प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना फॉर स्ट्रीट वेंडर्स से लोन दिलाने के लिए नगर निगम ने अब दुकानदारों तक पहुंच कर उन्हें लोन देने की नई कवायद शुरू की है। नगर निगम कर्मी उनके ठेले पर ही पहुंचकर लोन की सारी औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। नगर निगम ने लैपटॉप और बायोमेट्रिक उपकरणों से लैस 50 टीमों को इस काम के लिए लगाया है। नगर निगम के जोन कार्यालय में भी 55 कर्मचारियों को इसके लिए तैनात कर दिया गया है। यदि कोई नगर निगम के दफ्तर आता है तो उसका भी लोन इस योजना के तहत पंजीकृत कर दिया जाएगा
2011 की जनगणना के अनुसार 1.40 लाख भिंडर को इस योजना में जोड़ा जाना था। लेकिन वंडर नीति में आबादी के हिसाब से मात्र ढाई प्रतिशत ही वंडर का जिक्र है। 70000 वेंडरों को योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य नगर निगम ने तय किया है। नगर निगम में चल रही प्रतिस्पर्धा प्रदेश के 14 नगर निगमों के बीच है वहीं पटरी दुकानदारों को लोन दिलाने में नंबर वन आने की भी कवायद चल रही है। सरकार की तरफ से रोजाना रिपोर्ट जारी हो रही है। रविवार तक नगर निगम लखनऊ तीन नंबर पर था लेकिन सोमवार को नंबर दो पर आ गया। नंबर वन बनने के लिए नगर निगम के अधिकारी ने पूरी ताकत झोंक दी है। अभी बनारस नगर निगम पहले नंबर पर है जबकि आगरा तीसरे नंबर पर है।