
सोनभद्र में कफ सीरप तस्करी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, मास्टरमाइंड भोला जायसवाल कोलकाता से गिरफ्तार
सोनभद्र: सोनभद्र पुलिस को प्रतिबंधित कफ सीरप की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ड्रग माफिया शुभम जायसवाल के पिता और इस अवैध कारोबार के मुख्य आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी थाईलैंड भागने की तैयारी में था, लेकिन एसओजी, एसआईटी और सोनभद्र पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। बुधवार को उसे एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि आरोपी भोला प्रसाद लंबे समय से प्रतिबंधित कफ सीरप की अवैध सप्लाई से जुड़ा था और इसका नेटवर्क कई राज्यों में फैला था। पुलिस की जांच में सामने आया कि वह मेसर्स शैली ट्रेडर्स, रांची के नाम से फर्जी बिलिंग कर बड़े पैमाने पर कफ सीरप की अवैध ढुलाई करवा रहा था। एसआईटी की जांच के बाद भदोही, चंदौली, वाराणसी और सोनभद्र में करीब 25 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ। कई फर्में धरातल पर अस्तित्वहीन पाई गईं और उनके खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।
एफआईआर के अनुसार, बरकरा की फर्जी फर्म ‘मां कृपा मेडिकल’ और ‘मेसर्स शिवक्षा प्रा. लिमिटेड’ के माध्यम से 1 अप्रैल 2024 से 23 अगस्त 2025 के बीच 7,53,000 अवैध फेंसेडिल शीशियां काले बाज़ार में बेची गईं। पूछताछ में भोला जायसवाल ने स्वीकार किया कि फर्म तो उसके नाम से थी, लेकिन पूरा संचालन उसका बेटा शुभम जायसवाल करता था। नकली बिलिंग, फर्जी लेन-देन और वितरण शुभम के माध्यम से झारखंड के एक गोदाम से किया जाता था। वित्तीय गतिविधियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल की भूमिका की भी पुष्टि हुई है, जिससे एसआईटी अलग से पूछताछ करेगी।
पुलिस ने पहले भी कई बार बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सीरप बरामद किया था—18 अक्टूबर 2025 को दो कंटेनरों से 1.19 लाख शीशियां, 1 नवंबर को 13,400 शीशियां, और 3-4 नवंबर को चार ट्रकों से लगभग 3.40 करोड़ मूल्य की अवैध कफ सीरप और 20 लाख नकद। आरोपी भोला जायसवाल चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर और वाराणसी की पुलिस को भी वांछित था, और अब अन्य जिलों की टीमें उससे पूछताछ करेंगी।
