
धीरेंद्र शास्त्री की सनातन यात्रा पर मौलाना रज़वी की चेतावनी!
इंडिया Live: धीरेंद्र शास्त्री की “सनातन यात्रा” को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है, और अब इस पर धार्मिक संगठनों के बीच विवाद भी सामने आने लगा है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों देशभर में सनातन धर्म के प्रचार और ‘धर्म जागरण’ के अभियान पर निकले हुए हैं। उनकी इस यात्रा के समर्थन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं, लेकिन इसी बीच ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने धीरेंद्र शास्त्री को लेकर कड़ी चेतावनी दी है

मौलाना रज़वी ने बयान जारी करते हुए कहा कि “देश में शांति और सद्भाव बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है, लेकिन अगर कोई धर्म के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश करेगा तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को अपनी भाषा और बयानबाज़ी पर नियंत्रण रखना चाहिए, क्योंकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है जहाँ सभी को अपने-अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन किसी अन्य समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का अधिकार किसी को नहीं है।
मौलाना रज़वी ने यह भी कहा कि अगर उनकी “सनातन यात्रा” का उद्देश्य समाज को जोड़ना है तो उसका स्वागत है, लेकिन अगर इसमें भड़काऊ भाषण या धार्मिक श्रेष्ठता के संदेश दिए गए तो मुसलमान समुदाय इसका विरोध करेगा। दूसरी ओर, धीरेंद्र शास्त्री के समर्थकों का कहना है कि उनकी यात्रा पूरी तरह धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता पर केंद्रित है, इसका किसी समुदाय या धर्म से विरोध नहीं है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस विवाद पर प्रतिक्रियाएँ आने लगी हैं। कुछ नेताओं ने रज़वी के बयान को “धार्मिक ध्रुवीकरण” की कोशिश बताया है, जबकि कुछ ने शास्त्री से अपील की है कि वे अपने कार्यक्रमों में संतुलित और समावेशी संदेश दें।
कुल मिलाकर, धीरेंद्र शास्त्री की “सनातन यात्रा” अब धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गई है। एक ओर इसे सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रयास बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इससे बढ़ती साम्प्रदायिक संवेदनशीलता को लेकर चिंता भी जताई जा रही है। आने वाले दिनों में देखना दिलचस्प होगा कि यह यात्रा लोगों को जोड़ेगी या एक नया विवाद खड़ा करेगी।