
उत्तर प्रदेश: के संभल जिले में स्थित जामा मस्जिद के बाद बदायूं की जामा मस्जिद में मंदिर होने का दावा किया गया है। अब ये मामला भी कोर्ट पहुंच गया है। इतना ही नहीं, हिन्दू पक्ष ने अब अजमेर शरीफ की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा कर दिया है। इन सभी मामलों ने तूल पकड़ लिया है। इसको लेकर मौलानाओं ने नाराजगी जाहिर की है। इसी बीच मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद मामले में फैक्ट के आधार पर फैसला सुनाया होता तो आज ये दिन नहीं देखना पड़ता। क्या हर मस्जिद के नीचे से शिवलिंग निकालेंगे। ऐसे करके क्या हिंदुस्तान में सिविल वार चाहते हैं।
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि चाहे संभल की जामा मस्जिद का मामला हो या फिर अजमेर शरीफ की दरगाह का मामला हो। उन्होंने कहा कि आज से नहीं बरसो से मुसलमानों से ज्यादा हिंदू अजमेर जा रहे हैं। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने इंसानियत का मैसेज दिया है। अजमेर दरगाह से आज भी एकता और भाईचारे का संदेश दिया जाता है मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारा में लोग मन की शांति के लिए जाते हैं। क्या हर मस्जिद के नीचे से शिवलिंग निकालेंगे। क्या हर मजार को गिराकर वहां पर मंदिर बनाएंगे। क्या हिंदुस्तान के अंदर सिविल वार चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ये सब वहां हो रहा जहां बीजेपी की सरकार है। बीजेपी सरकार को बदनाम करने के लिए उसके खिलाफ काम हो रहा है और सरकार मूकदर्शक बनकर सब देख रही है।