
राजर्षि शाहूजी महाराज की जयंती पर मायावती ने अर्पित की श्रद्धांजलि, मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम बहाल करने की उठाई मांग
राजर्षि शाहूजी महाराज की जयंती पर मायावती ने अर्पित की श्रद्धांजलि, मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम बहाल करने की उठाई मांग
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कोल्हापुर के शासक रहे राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत में नौकरी में आरक्षण की क्रांतिकारी शुरुआत कर उन्होंने सामाजिक न्याय की नींव रखी थी। मायावती ने शाहूजी महाराज को भारत में आरक्षण का जनक बताते हुए उन्हें शत-शत नमन किया और उनके अनुयायियों को शुभकामनाएं दीं।
मायावती ने कहा कि ऐसे समय में जब दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों को उनके संवैधानिक आरक्षण अधिकार से वंचित करने की साजिशें चल रही हैं, राजर्षि शाहूजी महाराज की स्मृतियों को संरक्षित और स्मरण करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहुजनों की अपनी सरकार न होने के कारण उन्हें फिर से लाचार और गुलाम बनाने की कोशिशें की जा रही हैं।बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी सरकारों ने राजर्षि शाहूजी महाराज के सम्मान में कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं, जिनमें नए जिले और शिक्षण संस्थानों का नामकरण, भव्य स्मारकों की स्थापना और राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश की पहली छत्रपति शाहूजी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मेडिकल यूनिवर्सिटी तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने राजनीतिक द्वेषवश “किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी” के नाम से बदल दी, जबकि लखनऊ में पहले से ही इसी नाम से मेडिकल कॉलेज मौजूद था।मायावती ने सपा के इस निर्णय को घोर जातिवादी और द्वेषपूर्ण रवैया बताते हुए कहा कि भाजपा की सरकार ने भी अब तक इसमें कोई सुधार नहीं किया है, जबकि वर्षों बीत चुके हैं। उन्होंने मांग की कि छत्रपति शाहूजी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी का मूल नाम जल्द से जल्द बहाल किया जाए।मायावती ने कहा कि सामाजिक न्याय और आरक्षण के खिलाफ चल रहे षड्यंत्रों के बीच बहुजन महापुरुषों की स्मृति और प्रेरणा को जीवित रखना जनहित और राष्ट्रहित दोनों के लिए अनिवार्य है।
