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मेयर संयुक्‍ता भाटिया ने ली कोविड वैक्‍सीन की पहली डोज

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लखनऊ : अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मेयर संयुक्‍ता भाटिया ने डॉ श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्‍पताल में कोरोना के वैक्सीन की पहली डोज ली। इस अवसर पर महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और सब भी वैक्सीन अवश्य लगवाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का धन्यवाद दिया जिनके नेतृत्व में सफलता पूर्वक वैक्सीनेशन कार्यक्रम चल रहा है। बता दें कि आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश भर में महिलाओं के कोरोना टीकाकरण के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए बुजुर्ग महिलाओं व 45 वर्ष से लेकर 59 वर्ष तक की वो महिलाएं जो गंभीर रोगों से पीड़ित हैं, उन्हें टीका लगाया जाएगा

इसके लिए प्रदेश के हर जिले में महिलाओं के कोरोना टीकाकरण के लिए तीन-तीन केंद्र बनाए गए हैं। सूबे के 225 टीकाकरण केंद्रों पर सिर्फ महिलाओं को ही वैक्सीन लगाई जा रही है। इन टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन लगाने के लिए महिला स्टाफ ही तैनात किया गया है। प्रत्येक जिले में तीन-तीन टीकाकरण केंद्र इसके लिए बनाए गए हैं। महिलाओं को सम्मान देने के लिए यह अनूठी पहल की जा रही है। वहीं राजधानी के 51 सरकारी व 45 निजी अस्पतालों समेत कुल 96 अस्पतालों में सोमवार को कोरोना की वैक्सीन लगेगी। सुबह 8:30 बजे तक सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीन की डोज रवाना कर दी जाएगी। हर बार की तरह इस बार भी टीकाकरण सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक किया जाएगा। इस दौरान आनलाइन पंजीकरण कराने वाले और अस्पताल में मौके पर रजिस्ट्रेशन कराने वालों को वैक्सीन दी जाएगी

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एमके सिंह ने बताया कि इस बार टीकाकरण का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। जितने लोग आएंगे, उतने लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। 60 फीसद आनलाइन और 40 फीसद आफलाइन पंजीकरण का लक्ष्य लेकर चला जा रहा है। मगर, जो भी अस्पताल पहुंचेगा, उसको रजिस्ट्रेशन कर वैक्सीन दिए जाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो लोग आनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, उनमें से कुछ को मैसेज व कॉल की गई है। सुबह अगर कोविन पोर्टल सुचारु रूप से चला तो टीकाकरण में तेजी आने की उम्मीद है। निजी अस्पतालों में 250 रुपये प्रति डोज वैक्सीन का शुल्क लिया जाएगा। वहीं, सरकारी अस्पताल में यह पूरी तरह मुफ्त में दी जाएगी। जिनकी जहां इच्छा हो, वहां वैक्सीन लगवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 45 से 59 वर्ष तक की उम्र वाले असाध्य रोगी अपनी बीमारी का सर्टिफिकेट बनवाकर जाएं, ताकि रजिस्ट्रेशन कराने में उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े। आधार कार्ड और अपना मोबाइल नंबर भी काउंटर पर बताना होगा। लिस्ट में शामिल किसी भी अस्पताल में वैक्सीन लगवाई जा सकती है।

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