
जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक, मदरसों पर बुलडोजर कार्रवाई का विरोध।
लखनऊ: लखनऊ में गुरुवार को जमीयत उलेमा ए हिंद की यूपी कमेटी की बैठक आयोजित हुई । इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मौलाना सैयद असद रशीदी समेत संगठन के तमाम पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। बैठक में उत्तर प्रदेश के मदरसों और मस्जिदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से जुड़े मामलों पर मंथन हुआ। जमीयत उलेमा ए हिंद के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना सैयद असद रशीदी ने कहा कि यह रूटीन मीटिंग है। जो देश के हालात है उसको सामने रखकर चर्चा किया जाता है। लोगों को बताया जाता है कि मौजूदा स्थिति के हिसाब से कैसे देश और समाज की सेवा की जाए।

वक्फ को लेकर मौलाना ने कहा कि मामला कोर्ट में है वहां चर्चा हो रही है। सुप्रीम कोर्ट में हमारे संगठन के वकील सबसे आगे हैं, अपनी बात मजबूती के साथ रख रहे हैं। हमें पूरा यकीन है कि संविधान में जो अल्पसंख्यकों को अधिकार दिए हैं सुप्रीम कोर्ट उसकी रक्षा करेगा। मौलाना ने कहा कि वक्फ के मामले को लेकर हम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। मौलाना ने कहा कि संविधान से जो हमें अधिकार मिले हैं यह उसमें सीधे तौर पर हस्तक्षेप है। अगर किसी मदरसे में कमी है तो उसे दूर किया जाना चाहिए , मगर यहां धर्म के आधार पर सीधे टारगेट किया जा रहा है, यह पूरी तरीके से गलत है। मौलाना ने मदरसों में साइंस और मैथ्स पढ़ाये जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मॉडर्न एजुकेशन अच्छी चीज है इसे लागू होना चाहिए वही मौलाना ने जातीय जनगणना का स्वागत किया उन्होंने कहा कि इसमें कोई आपत्ति नहीं है अगर मुसलमान की जाती पूछे जाती है तो इसमें कोई विरोध की बात हम पूरा सहयोग करेंगे। इसके साथ ही मौलाना ने ये भी कहा कि इस्लाम में कोई ऊंचा-नीचा नहीं है सब बराबर हैं।