
नई दिल्ली: दिन में राहुल गांधी और रात में प्रियंका गांधी—संसद के बाहर और अंदर मोदी सरकार पर दोनों भाई-बहन की जोड़ी ने भारी राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। हाल ही में संसद परिसर के बाहर ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने मीडिया और राजनीतिक हलकों को भी हैरान कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब राहुल गांधी संसद के बाहर पहुंचे, तो कुछ केंद्रीय मंत्री जैसे प्रहलाद जोशी और अश्विनी वैश्नव अचानक वहां से चले गए। राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़कर मुस्कुराते हुए रोकने की कोशिश की और कहा कि मीडिया के सामने बयान देंगे, लेकिन मंत्री वहां से निकल गए। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

राहुल गांधी के इस कदम को विपक्ष का एक सशक्त राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। उनका कहना है कि संसद और लोकतंत्र में सवाल पूछने और जवाब मांगने का अधिकार हर सांसद को है, और इसके लिए किसी से डरने की जरूरत नहीं है।
लेकिन रात को स्थिति और भी ज्यादा गर्मा गई। प्रियंका गांधी ने अपने तमाम सांसदों के साथ मिलकर संसद के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए सरकार पर कई मुद्दों पर तीखे सवाल उठाए। विरोध प्रदर्शन में महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों को लेकर विरोध दर्ज कराया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल और प्रियंका गांधी की यह जोड़ी बीजेपी के लिए राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। दिन और रात, दोनों समय अलग-अलग घटनाओं के माध्यम से विपक्ष ने यह संदेश दिया कि वे सरकार की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं और जनता के मुद्दों को जोर देकर उठाने के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेंगे।
सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों में इस प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। जनता के बीच इसे भाई-बहन की जोड़ी द्वारा सत्ता को चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। वहीं सत्तापक्ष इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति और सियासी ड्रामे के तौर पर पेश कर रहा है।
कुल मिलाकर, संसद परिसर में दिन और रात दोनों समय हुए ये घटनाक्रम यह दर्शाते हैं कि आगामी समय में राजनीतिक टकराव और बयानबाजी और तेज होने वाली है। राहुल और प्रियंका गांधी की सक्रियता ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष सरकार को सार्वजनिक मंच पर लगातार चुनौती देता रहेगा।