
नई दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पेमेंट सर्विसेज के लिए न्यू अंब्रैला एंटिटी को प्रस्तावित किया है। यह इन्फीबीम एवेन्यु, गूगल और फेसबुक के साथ रिलायंस का एक कंसोर्शियम होगा। हृश्व के जरिए रिलायंस की योजना ग्लोबल पेमेंट्स कंपनी बनने की है। यह जानकारी सूत्रों से मिली है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, हृश्व के जरिए विदेश में पेमेंट सर्विसेज की पेशकश कर सकती है। अगर कंपनी को इसके लिए ऑपरेटिंग लाइसेंस मिल जाता है तो कुछ मार्केट्स में यह वीजा और मास्टरकार्ड जैसे दिग्गजों के खिलाफ खड़ी होगी।
सूत्रों का कहना है कि आरआईएल, हृश्व के साथ लॉन्ग टर्म प्लान बनाना शुरू कर चुकी है। हृश्व को आरआईएल की एक यूनिट के अलावा, इन्फीबीम एवेन्यु, फेसबुक और गूगल मिलकर प्रमोटर करेंगी। क्रढ्ढरु की इसमें 40 फीसदी हिस्सेदारी हो सकती है। बाकी तीन कंपनियों की हिस्सेदारी 20-20 फीसदी रह सकती है।
लाइसेंस के लिए कर चुके हैं अप्लाई
यह भी खबर है कि चारों कंपनियों के कंसोर्शियम ने हृश्व लाइसेंस के लिए पिछले सप्ताह अप्लाई कर दिया है। हृश्व लाइसेंस मिलने के बाद चारों कंपनियों द्वारा मिलकर बनाई गई एंटिटी भारत में डिजिटल पेमेंट्स की प्रोसेसिंग में ज्यादा स्वायत्तता हासिल करने में सक्षम होगी। हृश्व, डिजिटल ट्रांजेक्शंस के लिए एक प्लेटफॉर्म है।
6 कंसोर्शियम ने क्रक्चढ्ढ को सौंपे आवेदन हाल के सालों में डिजिटल एडॉप्शन के मामले में भारत दूसरी सबसे तेजी से ग्रो करने वाला देश है। भारतीय रिजर्व बैंक को उम्मीद है कि और ज्यादा हृश्व पेमेंट नेटवर्क्स तेज डिजिटल एडॉप्शन में मदद करेंगे। पिछले बुधवार को 6 कंसोर्शियम ने भारतीय रिजर्व बैंक को नेशनल पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर सेटअप करने के लिए आवेदन सौंपे हैं।