
लखनऊ में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, तीन जोनों में सैकड़ों अस्थायी ढांचे हटाए गए
लखनऊ: शहर को अतिक्रमण मुक्त और यातायात के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से नगर निगम लखनऊ द्वारा बुधवार को विभिन्न क्षेत्रों में एक सघन अभियान चलाया गया। जोन-3, जोन-5 और जोन-6 में एक साथ की गई कार्रवाई में दर्जनों सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों से अस्थायी दुकानों, ढांचों और ठेलों को हटाया गया। अभियान के दौरान नगर निगम प्रवर्तन दल के साथ-साथ पुलिस बल की भी तैनाती की गई, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न उत्पन्न हो।जोन-3 में हनुमान सेतु से लेकर डालीगंज पुल होते हुए बंधा रोड तक की सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए व्यापक कार्यवाही की गई। जोनल अधिकारी अमरजीत यादव के नेतृत्व में चाट, फल और कफन बेचने वाली अस्थायी दुकानों को हटवाया गया। इसके अतिरिक्त, मटन चौराहे पर बनी एक अस्थायी खाने की दुकान और गैराज को भी तोड़ दिया गया। इस अभियान में एक लोहे का काउंटर और एक लकड़ी का ठेला जब्त किया गया।जोन-6 में जनता से प्राप्त आईजीआरएस शिकायतों के आधार पर हैदरगंज द्वितीय, कन्हैया माधवपुर प्रथम और चौक बाजार क्षेत्र में अभियान चलाया गया। जोनल अधिकारी मनोज यादव के नेतृत्व में एकता नगर चौराहे एवं मायापुरम बादशाहखेड़ा के आसपास अवैध कब्जों को हटाया गया। कोनेश्वर मंदिर से टण्डन फव्वारा मार्ग तक फैले अतिक्रमण को हटाते हुए 15 ठेले, 10 काउंटर, 15 अस्थायी दुकानें हटाई गईं। साथ ही बड़ी मात्रा में सामग्रियां, जिनमें लोहे के काउंटर, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, कैरेट, स्टूल और अन्य दुकानी उपकरण शामिल थे, जब्त किए गए। अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी गई कि यदि दोबारा अवैध कब्जा किया गया तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय थानाध्यक्ष को पत्र भेजकर नियमित निगरानी का अनुरोध भी किया गया है।जोन-5 में सरोजनी नगर प्रथम वार्ड के अंतर्गत अमौसी पुलिस चौकी के सामने सड़क पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। यहां ठेले, गाड़ियां और अन्य अस्थायी निर्माण अव्यवस्थित रूप से खड़े थे, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो रहा था। जोनल अधिकारी नंदकिशोर के नेतृत्व में अभियान चलाते हुए 3 काउंटर, 1 गुमटी और 10 ठेले हटाए गए। कर अधीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षकगण और प्रवर्तन टीम 296 की उपस्थिति में यह कार्यवाही शांतिपूर्वक संपन्न की गई।नगर निगम ने यह स्पष्ट किया है कि यह अतिक्रमण विरोधी अभियान सतत रूप से चलता रहेगा। निगम का उद्देश्य लखनऊ को न केवल स्वच्छ और सुंदर बनाना है, बल्कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना है जहां आमजन को आवागमन में कोई बाधा न हो। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि भविष्य में दोबारा अवैध कब्जा करने पर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
