
मुस्लिम परेशान,डिजिटल वक्फ़ में बड़ी समस्या; सैयद कल्बे जव्वाद नक़वी
इंडिया Live:भारत सरकार ने अपने मुसलमान समुदाय की वक्फ संपत्तियों को डिजिटल तरीके से रजिस्टर करने के लिए *WAQF/Ummid Portal* लॉन्च किया था। इसका मकसद वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता बढ़ाना, मॉनिटरिंग करना और वक्फ माफियाओं को रोकना था। लेकिन हाल ही में यह सामने आया है कि पोर्टल *बहुत धीमे और अस्थिर तरीके से काम कर रहा है, जिससे मुतवल्ली, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि लगातार परेशान हैं। पोर्टल पर अक्सर सर्वर डाउन हो जाता है,
दस्तावेज़ अपलोड करने में दिक्कत आती है, फाइलें गायब हो जाती हैं, OTP या लॉग-इन में तकनीकी बाधाएं आती हैं, और फॉर्म incomplete में अटक जाता है। इन समस्याओं की वजह से हजारों लोग अपने वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इस मुद्दे पर कई धार्मिक और समाजसेवी नेताओं ने सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि औकाफ़ की हिफ़ाज़त सिर्फ काग़ज़ी वादों से नहीं होती, बल्कि सिस्टम को मज़बूत करना और तकनीकी बाधाओं को दूर करना जरूरी है, वरना रजिस्ट्रेशन का मक़सद अधूरा रह जाएगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि पोर्टल को **High-Capacity Server* पर शिफ्ट किया जाए, हर ज़िले में हेल्प-डेस्क और ट्रेनिंग सिस्टम बनाए जाएँ, शिकायतों के समाधान के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए, और पोर्टल की स्पीड और स्टेबिलिटी बढ़ाई जाए। यदि ये सुधार नहीं किए गए, तो वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन अधूरा रहेगा और औकाफ़ की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। यह पोर्टल एक नेक पहल है, लेकिन तकनीकी बाधाओं और धीमी गति के कारण मुसलमान समुदाय के लिए परेशानी का कारण बन गया है। समाज की मांग है कि सरकार जल्द कदम उठाकर पोर्टल को वास्तव में “उम्मीद” बनाये ताकि वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता, सुरक्षा और मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।