
मुसलमान सड़कों पर उतरेंगे फिर।
Bareilly News:उत्तर प्रदेश से खबर है कि मौलाना तौकीर रजा खान ने केंद्र सरकार और न्यायपालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हालात में सुधार नहीं हुआ, तो मुसलमान शांतिपूर्वक नहीं बैठेंगे, बल्कि सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर में पैगंबर साहब की शान में तोड़ी गई गुस्ताखी और मुसलमानों पर हुए हमले के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मौलाना ने स्पष्ट किया कि यदि एक हफ्ते के भीतर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो मुस्लिम समाज विरोध के लिए मैदान में आ जाएगा।
उनका कहना है कि देश में जो “दोहरा कानून” चल रहा है — जहां मुसलमानों के खिलाफ शिकायतों पर बुलदोजर कार्रवाई, पुलिस कार्रवाई होती है, लेकिन हिंदू संगठनों की प्रतिक्रियाओं या बयानों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती — वह वैसा न्याय नहीं है। उन्होंने अमल की स्वतंत्रता और धार्मिक सम्मान रखने की मांग की है। मौलाना ने यह भी चेतावनी दी कि हालात ऐसे बने रहेंगे, तो जिस दिन सभी विरोध करते हुए सड़कों पर आएँगे, सरकार के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी।
यह बयान हुआ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, जहाँ मौलाना ने केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगाया कि वे संसद या न्यायालयों में की गई घोषणाओं पर अमल नहीं कर रहे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नज़रों में लोकतंत्र का मर्म अब बचा नहीं है जब तक संविधान और कानून के दायरे में मुस्लिमों की शिकायतों को नहीं सुना जाता। उन्होंने यह जताया कि मुसलमानों के अंदर गुस्सा भरा हुआ है और उनकी सहनशीलता को कमज़ोर समझा जाना गलत होगा।
प्रशासन ने अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस ने संभावित प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है। बरेली में सामाजिक माहौल कुछ तनाव वाला बताया जा रहा है क्योंकि समुदायों में यह बयान चर्चा में है।
विश्लेषकों के अनुसार, मौलाना का यह बयान सिर्फ विरोध का इशारा नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि मुस्लिम समुदाय की असंतुष्टि गहराई पकड़ रही है। अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह देखा जाना चाहिए कि प्रदर्शन किस तरह शांतिपूर्वक रहते हैं या हिंसक रुख अपनाते हैं।