
देखभाल करने वालों की देखभाल विषय पर निहारिका साहित्य मंच की संगोष्ठी सम्पन्न, साहित्यकारों, समाजसेवियों और पत्रकारों को किया गया सम्मानित
देखभाल करने वालों की देखभाल विषय पर निहारिका साहित्य मंच की संगोष्ठी सम्पन्न, साहित्यकारों, समाजसेवियों और पत्रकारों को किया गया सम्मानित
लखनऊ: प्राग नारायण रोड स्थित आईआरएस ऑफिसर्स अपार्टमेंट में बुधवार को निहारिका साहित्य मंच एवं कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य संगोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय था—”देखभाल करने वालों की देखभाल”, जो वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया गया था।कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन और गीता सक्सेना की मधुर वाणी वंदना से हुआ। चार घंटे तक चली इस परिचर्चा में साहित्यकारों, समाजसेवियों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया और बदलते सामाजिक ढांचे, विशेष रूप से संयुक्त परिवारों के टूटने, मोबाइल के दुष्प्रभाव और माता-पिता-बच्चों के रिश्तों की बदलती तस्वीर पर विचार रखे।पत्रकार परवेज़ अख्तर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “शिक्षा, शिष्टाचार और परिवार की बुनियादी बातें पहले भी जरूरी थीं, आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। ज़रूरत केवल इन्हें महसूस करने और व्यवहार में उतारने की है।”कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अतिथियों को डॉ. रीमा सिन्हा और अब्दुल अज़ीज़ सिद्दीकी द्वारा मोमेंटो एवं मैडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों में समाजसेविका सरोज बाला सोनी, रजनी कुमारी, संदीपिका दीक्षित, संध्या श्रीवास्तव, प्रतिभा सिंह, पूजा श्रीवास्तव, उमा लखनवी, गरिमा लखनवी, दीपिका, सुरेखा अग्रवाल, डॉ. तारिका सिंह, गीता सक्सेना, रश्मि सिंह, डॉ. हिमांशु सक्सेना ‘अर्श’, डॉ. अरविंद रस्तोगी ‘धवल’, मधु अग्रवाल, पत्रकार आसिफ़ जाफरी, परवेज़ अख्तर, अनवर आलम, मुश्ताक बेग, जमील मलिक, एन. आलम, सैयद ग़ुलाम हुसैन और मुजीब बेग शामिल रहे।कार्यक्रम के समापन पर ट्रस्ट की संस्थापिका डॉ. रीमा सिन्हा और अध्यक्ष अब्दुल अज़ीज़ सिद्दीकी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने, संवाद की परंपरा को मजबूत करने और संवेदनशील मुद्दों पर चिंतन की राह प्रशस्त करते हैं।