
लखनऊ : दो किशोरियों के अंतिम संस्कार के दौरान कहीं कोई हंगामा और बखेड़ा न हो उसके लिए पुलिस प्रशासन ने गांव में अंतिम संस्कार के वक्त बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था यह कदम प्रशासन के गले की फांस बन गया गांव पहुंचने से रोके जाने के लिए सपाई आक्रोशित हो गए और उनकी पुलिस से जमकर बहस और धक्कामुक्की हुई। इसके बाद पूर्व विधायक उदयराज यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने घटनास्थल के पड़ोस के गांव केउना में धरना शुरू कर दिया।
शुक्रवार को प्रशासन ने रणनीति के तहत शांति पूर्ण ढंग से किशोरियों के अंतिम संस्कार को लेकर गांव में सुरक्षा का पहरा बढ़ाकर हर किसी के प्रवेश पर रोक लगा दी। यह बात सपा नेताओं को नागवार लगी सूचना पर एएसपी विनोद पांडेय मौके पर पहुंच गए और समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। इसी बीच पूर्व विधायक उदयराज यादव भी आ गए और कहा कि सपा कार्यकर्ताओं को गांव नहीं जाने दिया गया। वहीं मृतक परिवारों को अंतिम संस्कार से पूर्व आर्थिक सहायता की चेक देनी चाहिए जो अभी तक नहीं दी गयी। सरकार मनमानी कर रही है इसके बाद मांगों और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को ज्यादती बताते हुए पूर्व विधायक उदय राज यादव ने केउना गांव में धरने पर बैठ गए। इसी बीच पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले भी धरना स्थल पर पहुंच गई।
फॉरेसिंक टीम ने शुरू की घटनास्थल की जांच
घटना से पूर्व तीनों किशोरियों ने गांव की एक दुकान से चिप्स खरीदे थे। इस बात की चर्चा जब सामने आई तो पुलिस का ध्यान इस ओर केंद्रित हो गया है अभी तक यह साफ नहीं हुआ कि किशोरियों ने किस दुकान से चिप्स खरीदा लेकिन किशोरियों के घर से खेत तक जाने वाले रास्ते मे पड़ने वाली दुकानों पर पुलिस की नजर है। जिस पर जांच शुरू कर दी गयी है। वही फॉरेसिंक टीम गांव पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना शुरू किया है। टीम ने खेत जाने वाले रास्ते से लेकर घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र को कई बार चेक किया है।