
NCR की तर्ज पर, अब SCR देखो! यूपी में 71 करोड़ की मेगा प्लानिंग शुरू।
Lucknow SCR project: उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अब लखनऊ और इसके आसपास के जिलों के समेकित विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की आधारशिला रख दी है। यह परियोजना न केवल राजधानी बल्कि उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई, रायबरेली और अयोध्या जैसे जिलों को एकीकृत करते हुए 26,700 वर्ग किलोमीटर में फैले एक आधुनिक, स्मार्ट और रोजगारपरक क्षेत्र का निर्माण करेगी।
71 करोड़ की लागत, वर्ल्ड बैंक की टेक्निकल मदद

इस महत्वाकांक्षी योजना की प्लानिंग पर तेजी से काम शुरू हो चुका है। 71 करोड़ रुपए की लागत से इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। कॉम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एम इंडिया प्रा. लि. इस कार्य में कंसल्टेंसी की भूमिका निभा रही हैं। योजना को 1 साल में मास्टर प्लान के रूप में तैयार किया जाएगा, जिसमें 25 से अधिक प्रमुख प्रोजेक्ट्स की पहचान और उनके लिए डीपीआर तैयार होगी।
एलडीए में हाईलेवल प्रेजेंटेशन, वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में आयोजित एक हाई-लेवल मीटिंग में SCR प्रोजेक्ट का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। बैठक की अध्यक्षता एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने की, जिसमें प्रमुख सचिव अमृत अभिजात, मण्डलायुक्त रोशन जैकब, नगर नियोजक और विश्व बैंक प्रतिनिधिभी शामिल रहे।
कनेक्टिविटी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर SCR की रीढ़
SCR के तहत आने वाले जिलों को जोड़ने के लिए रिंग रोड, एक्सप्रेसवे, रेल नेटवर्क और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जाएंगे। इससे लखनऊ समेत अन्य शहरों के बीच आवागमन आसान होगा और औद्योगिक व व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
गांवों तक पहुंचेगी शहर जैसी सुविधाएं
SCR मॉडल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इसमें स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, जलापूर्ति, डिजिटल नेटवर्क, सड़कें और अन्य आधारभूत संरचनाएं शामिल होंगी। इससे ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार और पलायन में कमी आने की उम्मीद है।
हेरिटेज ज़ोन और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा संरक्षण
SCR के प्लान में विरासत स्थलों, मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन क्षेत्रों को संरक्षित और विकसित करने की भी रणनीति है। हेरिटेज वॉकिंग ट्रैक, कल्चरल कॉरिडोर और टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा।
SCR बनेगा निवेश का नया हब
उत्तर प्रदेश सरकार SCR को निवेश-फ्रेंडली ज़ोन के रूप में स्थापित करना चाहती है। इसके लिए SEZ, लॉजिस्टिक्स हब, आईटी पार्क, औद्योगिक गलियारे जैसी सुविधाओं की घोषणा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि SCR के माध्यम से लाखों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाया जा सके।
चरणबद्ध ढंग से होगा कार्यान्वयन
LDA उपाध्यक्ष ने जानकारी दी कि SCR का मास्टर प्लान तैयार होते ही विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिए जाएंगे। सरकार SCR को एक पायलट मॉडल के रूप में स्थापित करके भविष्य में अन्य मेट्रो सिटीज़ में भी इसी मॉडल को लागू करने की योजना पर विचार कर रही है।