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विश्व युवा कौशल दिवस पर 15-16 जुलाई को भव्य कौशल मेला, 100 से अधिक स्टॉल और लाइव डेमो होंगे आकर्षण का केंद्र

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विश्व युवा कौशल दिवस पर 15-16 जुलाई को भव्य कौशल मेला, 100 से अधिक स्टॉल और लाइव डेमो होंगे आकर्षण का केंद्र

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार “कौशल युक्त युवा, सशक्त भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए आगामी 15 और 16 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय भव्य कौशल मेले का आयोजन करने जा रही है। यह आयोजन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा किया जाएगा, जिसका संचालन व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में होगा।मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह मेला प्रदेश के युवाओं को उनके कौशल प्रदर्शन का मंच देने के साथ-साथ उन्हें उद्यमशीलता एवं रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और प्रदेश की औद्योगिक एवं नवाचार यात्रा में भागीदार बनने की अपील की।मिशन निदेशक पुलकित खरे ने जानकारी दी कि यह कौशल मेला पूर्णतः निःशुल्क रहेगा और इसमें 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर विभिन्न ट्रेडों से संबंधित प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। हैंडीक्राफ्ट्स, स्पोर्ट्स आइटम्स, चिकनकारी, टेक्सटाइल, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कारपेट और घरेलू उपकरण जैसी श्रेणियां प्रमुख आकर्षण होंगी। साथ ही लाइव ट्रेड डेमो भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे।मेले के दौरान युवाओं के लिए सीवी मेकिंग, इंटरव्यू स्किल्स, स्पोकन इंग्लिश और पर्सनालिटी ग्रूमिंग जैसे विषयों पर सॉफ्ट स्किल वर्कशॉप्स भी आयोजित की जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन होगा, जिससे युवाओं को प्रेरणा और मनोरंजन दोनों मिलेगा।राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के सर्वश्रेष्ठ उत्पादों का मंडलवार प्रदर्शन किया जाएगा और तीन सर्वश्रेष्ठ स्टॉल संचालकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रशिक्षकों, प्रशिक्षण प्रदाताओं एवं सफल प्रशिक्षार्थियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन इस दौरान प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाइयों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर करेगा।कौशल मेला में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वादों का संगम भी देखने को मिलेगा। आगंतुकों को लखनऊ और कानपुर की भेलपुरी, अयोध्या का देसी सिरका, पूर्वांचल की लिट्टी-चोखा और फरा, मुजफ्फरनगर की कचौरी, प्रतापगढ़ का आंवला और आगरा का प्रसिद्ध पेठा चखने का मौका मिलेगा।इस दो दिवसीय मेले का उद्देश्य न केवल प्रदेश की उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है, बल्कि आमजन को भी उत्तर प्रदेश की कौशल संपदा, सांस्कृतिक विविधता और उद्यमशीलता के प्रति जागरूक करना है। यह आयोजन नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की भावना का जीवंत प्रतीक होगा।

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