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क़तर के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरा ,दिया ये नसीहत

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नई दिल्ली: हमारे लिए यह स्वीकार करना असंभव है कि कर्मियों ने कुछ किया है, जिसकी वजह से उन्हें ये सजा मिल रही है. जब दो देशों के बीच संबंध होते हैं

 

की अदालत ने भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसरों को मौत की सजा सुनाई है. इस मामले में भारत में राजनीति शुरू हो गई है साथ ही अब विपक्ष नेता सरकार को इस मूद्दे पर तंज कसते नजर आ रहे हैं वही विपक्षी नेताओं का कहना है कि मोदी जी कहा करते है कि इस्लामिक देश से रिश्ते अच्छे है तो फिर हमारे सेनाओं को मौत की सजा क्यों .वही दूसरी तरफ जहां भारत की सरकार की ओऱ से कहा गया है कि कतर में फंसे भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी विकल्पों की तलाश की जा रही है

को बता दें AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी जो अपने तीखे बयानों से हमेशा चर्चों में बने रहते है वही फिर से अब कतर वाले मूद्दे को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा. वहीं, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि जब दो देशों के बीच संबंध होते हैं तो कूटनीतिक रास्ते भी बनाए जा सकते हैं

बता दें ओवैसी ने कहा कि कतर में फंसे हमारे पूर्व नौसेना अधिकारियों का मुद्दा मैंने अगस्त में उठाया था, लेकिन अब उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी शेखी बघारी है कि इस्लामिक देश उनसे कितना प्यार करते हैं. अब सरकार को हमारे पूर्व नौसेना अधिकारियों को वापस लाना होगा. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है

कतर में फसे नौसेना को बचाने के लिए कानुनू कोशिश कर रही दूसरी तरफ विपक्षी नेता इस मुद्दे पर भी राजनीतिक रोटीया सेकना शुरू कर दिया है वही कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने कहा कि कतर के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं. अगस्त 2022 को हमारे आठ पूर्व अफसरों की गिरफ्तारी के बाद से यह पूरा मामला रहस्य बना हुआ है. हम यह स्वीकार नहीं कर सकते कि भारतीय नागरिकों को सिर्फ इस वजह से मौत की सजा दी जा सकती है कि हम इस बात से अनभिज्ञ हैं. कतर की कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है, वो बेहद चौंकाने वाला और अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि भारत सरकार इस मामले को कतर के सर्वोच्च अधिकारियों के सामने बहुत मजबूती से रखेगी, ताकि परिणामस्वरूप हमें कुछ संतोषजनक परिणाम मिल सकें. हमें उम्मीद है कि कतर सरकार इसमें शामिल होगी, भारत के साथ अच्छे संबंध इस फैसले को बदलने में काम आएंगे

शशि थरूर बोले- कतर के मुद्दा को मजबूती से उठाऐ भारत कतर में फसे नौसेना को बचाने के लिए कानुनू कोशिश कर रही दूसरी तरफ विपक्षी नेता इस मुद्दे पर भी राजनीतिक रोटीया सेकना शुरू कर दिया है वही कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने कहा कि कतर के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं. अगस्त 2022 को हमारे आठ पूर्व अफसरों की गिरफ्तारी के बाद से यह पूरा मामला रहस्य बना हुआ है. हम यह स्वीकार नहीं कर सकते कि भारतीय नागरिकों को सिर्फ इस वजह से मौत की सजा दी जा सकती है कि हम इस बात से अनभिज्ञ हैं. कतर की कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है, वो बेहद चौंकाने वाला और अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि भारत सरकार इस मामले को कतर के सर्वोच्च अधिकारियों के सामने बहुत मजबूती से रखेगी, ताकि परिणामस्वरूप हमें कुछ संतोषजनक परिणाम मिल सकें. हमें उम्मीद है कि कतर सरकार इसमें शामिल होगी, भारत के साथ अच्छे संबंध इस फैसले को बदलने में काम आएंगे

सरकार ने दिसंबर में दिया था ये जवाब

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम इस मामले को पहले से उठा रहे हैं, विदेश मंत्री जयशंकर ने 26 दिसंबर को मुझे जवाब दिया कि भारत सरकार उनकी मदद के लिए हर संभव कदम उठा रही है, लेकिन हकीकत ये है कि भारत सरकार ने इसे गंभीरता से लिया ही नहीं और इसका नतीजा ये हुआ कि हमारे 8 अधिकारियों को आज मौत की सजा सुनाई गई है. उन पर क्या आरोप हैं, हमें ये तक नहीं पता. यह बिल्कुल आश्चर्यजनक और चौंकाने वाली बात है कि इस सरकार इस मुद्दे से कैसे निपटी है.

भारतीय नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करे सरकार

वही शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है. विदेश मंत्रालय को इस पर ध्यान देना चाहिए. ये पूर्व सैनिक हैं, ऐसे में यह राष्ट्र की जिम्मेदारी बन जाती है, मुझे उम्मीद है कि यह मुद्दा उठेगा. इस मामले को प्राथमिकता दें और विदेश मंत्रालय उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे

 

 

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