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लखनऊ में प्रशासनिक लापरवाही का आरोप, दूषित भोजन खाने से 100 से अधिक भेड़ों की मौत, पशुपालक सड़क पर आया

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लखनऊ में प्रशासनिक लापरवाही का आरोप, दूषित भोजन खाने से 100 से अधिक भेड़ों की मौत, पशुपालक सड़क पर आया

लखनऊ | स्थानीय समाचार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के पास कथित प्रशासनिक लापरवाही के चलते एक गरीब पशुपालक की आजीविका पूरी तरह तबाह हो गई। आरोप है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद पार्किंग स्थल पर खुले में छोड़ा गया दूषित भोजन खाने से 100 से अधिक भेड़ों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

क्या है पूरा मामला

लखनऊ स्थित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बड़ी मात्रा में बचा हुआ भोजन कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन किए बिना पार्किंग क्षेत्र में ही खुले में छोड़ दिया गया।

आसपास चरने वाली भेड़ें इस सड़े-गले और दूषित भोजन को खाने लगीं। भोजन खाने के कुछ ही समय बाद भेड़ों की हालत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते 100 से अधिक भेड़ों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने बड़े सरकारी आयोजन के बाद न तो साफ-सफाई की व्यवस्था की गई और न ही बचे हुए खाने के सुरक्षित निस्तारण की कोई पहल हुई।

“साहब, हम तो सड़क पर आ गए…”

पीड़ित पशुपालक पुदित का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी मरी हुई भेड़ों के पास बैठकर फूट-फूट कर रोता नजर आ रहा है।

पशुपालक पुदित का कहना है,
“साहब, हम गरीब आदमी हैं। भेड़ों को चराने ले गए थे। वहां पड़ा खाना खाते ही एक-एक करके सब मर गईं। अब हमारे पास कुछ नहीं बचा, हम सड़क पर आ गए हैं। न कोई अधिकारी आया, न किसी ने हमारी सुध ली।”

पुदित की आजीविका पूरी तरह इन्हीं भेड़ों पर निर्भर थी। एक ही झटके में उसकी वर्षों की मेहनत और रोज़गार का साधन खत्म हो गया।

प्रशासन की चुप्पी, मुआवजे की मांग

फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह खबर पीड़ित पशुपालक के बयान, वायरल वीडियो और मौके पर मौजूद लोगों की जानकारी पर आधारित है।

ग्रामीणों और पशुपालकों ने प्रशासन से पीड़ित को तत्काल मुआवजा देने और इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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