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कई क्षेत्रों में कई कई घंटों लगा रहता है ओवरलोड वाहनों से जाम

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बाक्स।।सर्वाधिक ओवर लोड परिचालक अधिक कमाई की चाहत में चालक परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित वजन से अधिक लोडिंग कर गंतव्य तक जाते हैं, जो दुर्घटना का कारण बनता

लखीमपुर खीरी : सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आए दिन सरकार व प्रशासन के स्तर से जागरूकता अभियान चलाया जाता है। सड़क किनारे सावधानियों का बोर्ड भी लगाया जाता है। सड़क हादसे की कई वजह होती है, जिसमें एक ओवर लोड वाहनों का परिचालन भी है। ओवरलोड वाहनों के परिचालन से दुर्घटनाएं भी होती है। सड़क की लाइफ भी घटती है। ऐसे वाहनों का परिचालन न हो इस पर सख्ती के निर्देश हर अधिकारियों को प्राप्त है, लेकिन अपना जनपद में इसका अनुपलन नहीं हो रहा है। ऐसे में आए दिन हादसे हो रहे हैं और लोगों की मौत भी हो रही है। पिछले एक वर्ष के दौरान कई दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें लोगों की मौत भी असमय हुई। यहां अधिकांश ओवरलोड वाहन स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे से गुजरती है और पदाधिकारी मूकदर्शक बने रहते हैं। जब भी क्षेत्र में कोई सड़क दुर्घटना होती है तब जाम लगता है। सड़क जाम के दौरान ओवरलोड वाहन के परिचालन को रोकने की मांग की जाती है, आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिलता है। स्थानीय लोगों की मानें तो अगर वाहन पर निर्धारित वजन लोड हो और लाइसेंस लेकर वाहन चालक गाड़ी चलाए तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है

वहीं कस्बे से महमदपुर रसूलपुर और लखीमपुर पब्लिक एजुकेशन स्कूल को जोड़ने वाली सड़क पर स्थित प्लाईवुड फैक्ट्री में आने वाले लकड़ी से भरे भारी वाहन भारी वाहन से कस्बे व गांव जाने वाली सड़क जर्जर हो के आवागमन से गई है बस्ती के अंदर से लकड़ी भरे ओवर लोड वाहन निकलने से किसी भी टाइम कभी भी कोई बड़ा हादसा घट सकता है जिसको प्लाईवुड फैक्ट्री नजर अंदाज किए हुए है इस टूटी सड़क से हो सकता है किसी वक्त बड़ा हादसा शायद हादसे के इंतजार में है जिम्मेदार अधिकारी टुटी सड़क लोडिंग वाहन निकलना सोने पर सुहागा है जिससे रोड और क्षतिग्रस्त होती जा रही है लेकिन जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान ना जाना योगी जी के गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की खेल लिया उड़ा रहा है जिसका जीता जागता उदाहरण इससे बढ़िया कहा मिलेगा

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