
उत्तर प्रदेश : के ग्रामीण इलाकों में अप्रैल के महीने में ही पंचायत चुनाव हुए हैं। यह वह वक्त था जब राज्य में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे थे।ऐसे में पंचायत चुनाव की वजह से ग्रामीण इलाकों तक कोरोना का संक्रमण पहुंच गया और अब लोगों के खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ से मौत की खबरें आ रही हैं। पंचायत चुनाव कितना घातक साबित हुआ इसका अंदाजा ऐसे लगा सकते हैं कि चुनाव ड्यूटी में लगे करीब 1600 कर्मचारी कोरोना से जान गंवा चुके हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ के मुताबिक।समाचार पत्रों का आकलन करें तो लगभग हर ग्राम सभा से हर सप्ताह 2 या तीन मौत की खबरें आ रही इनमें से अधिकतर लोग बुखार जुखाम और खांसी होने की बात सामने। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बढ़ती भीड़ और ग्रामीण क्षेत्रों पर दवाइयों की किल्लत वही झोलाछाप डॉक्टर भी अब इस तरह से सहमे हुए हैं कि वह मरीजों को हाथ तक नहीं लगा रहे जिसके कारण यह स्थिति और भयावह होती जा रही है।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सौरम गांव की प्रधान सीमा जायसवाल ने तो बाकायदा जिलाधिकारी को खत लिखकर बताया कि उनके गांव में 16 लोगों की मौत हो चुकी है कोरोना का प्रसार हो रहा है, ऐसे में गांव के लोगों की जांच कराई जाए। इस खत के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद गांव में जांच टीम भेजी गई और लोगों का एंटीजन टेस्ट हुआ। दो दिन जांच करने पर चार लोग पॉजिटिव पाए गए, इन्हें घर में ही आइसोलेट किया गया है। गांव में किसी की भी आरटी-पीसीआर जांच नहीं हुई।