
विभूतिखण्ड में पिस्टल से हमले की वारदात का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के विभूतिखण्ड इलाके में साइबर हाइट्स के पास 30 अगस्त को हुई पिस्टल से हमले की सनसनीखेज वारदात का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। थाना विभूतिखण्ड पुलिस और डीसीपी पूर्वी की क्राइम टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो अवैध पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में दहशत फैला देने वाली इस घटना पर पर्दा उठ गया है।मामला 30 अगस्त की रात का है जब अकबरी गेट निवासी हम्ज़ा खान साइबर हाइट्स के पास से गुजर रहा था। उसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे अजीत पांडेय और उसके साथियों ने रास्ता रोककर उस पर हमला कर दिया। हम्ज़ा के अनुसार आरोपियों ने कार का शीशा तोड़कर पिस्टल से हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल होकर मूर्छित हो गया। इस मामले में पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और फरार आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कीं।पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल प्रयासों के जरिए 1 सितंबर को एसएसबी भवन के पास मंदिर वाली गली से अजीत पांडेय और जय प्रकाश यादव को दबोच लिया। तलाशी में दोनों के पास से असलहे और कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि घटना की जड़ कुछ दिन पहले हुए विवाद में है। वे सम्मिट बिल्डिंग स्थित “द हाइप रूम” बार में पार्टी करने गए थे, जहां उनका बार के कर्मचारी हम्ज़ा से झगड़ा हुआ। उसी रंजिश को लेकर उन्होंने 30 अगस्त को हमला कर दिया।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उनके खिलाफ हत्या, मारपीट, छेड़छाड़ और विस्फोटक पदार्थ रखने जैसे संगीन मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इस वारदात ने उनके आपराधिक रिकॉर्ड में एक और कड़ी जोड़ दी है। पुलिस अब उनके अन्य साथियों की तलाश में दबिश दे रही है।इस खुलासे में विभूतिखण्ड थाना पुलिस और क्राइम टीम की संयुक्त भूमिका रही। टीम में उपनिरीक्षक अमरनाथ चौरसिया, संदीप पांडेय, तरनजीत सिंह, विमल चंद पाल, प्रदीप कुमार, शिवानंद खरवार और अजय कुमार यादव सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी और शहर में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
