
कहा, अभी पूरी तरह दफ्न नहीं हो पाए हैं ताजिये, जिलों में प्रशासन कर रहा परेशान
लखनऊ : ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएसपीएलबी) ने उत्तर प्रदेश सरकार से ताजिये दफ्न करने के लिए हिदायत जारी करने की अपील की है। बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद साएम मेंहदी नकवी और जनरल सेक्रेट्री मौलाना यासूब अब्बास ने बुधवार को एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, प्रदेश के कुछ जिलों में अभी तक अभी तक ताजिये दफ्न नहीं हुए हैं। वहां पर मोमिनीन को और ताजियेदारों को ताजिये दफ्न करने में परेशानियां पेश आ रही हैं
दोनों हजरात ने कहा कि ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने मराजे केराम के अहकामात और हुकूमत की गाइड लाइन की रौशनी में एक एडवाइजरी जारी की थी। मोमिनीन ने इस पर अमल भी किया, लेकिन घरों में ताजिये रखना और आशूरा के दिन इनको दफ्न करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। इतवार के दिन आशूरा था और इसी दिन लाकडाउन था। जिसकी वजह से ताजिये दफ्न न हो सके। सोमवार के दिन से ताजिये दफ्न न होने से लोगों में दुश्वारी और बेचैनी है
धर्मगुरूओं ने कहा, हुकूमत की ओर से जारी कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए ताजिये दफ्न की जा रही हैं। एक बार में दो-तीन आदमी ही ताजिये ले जाते हैं। जिसके चलते अभी तक ताजिये दफ्न नहीं हो पाए हैं। लेकिन प्रदेश के कई जनपदों से शिकायें मिल रहीं हैं कि वहां स्थानीय प्रशासन ने इमामबाड़ों में ताले डाल दिए गए हैं। वहां पुलिस तैनात कर दी गई है। धर्मगुरूओं ने सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि ऐसा क्यों हो रहा है
सीएम योगी खुद मसले पर तवज्जो दें
हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हैं कि वो इस मसले पर तवज्जो दें। आला अधिकारियों को पूरे प्रदेश में हिदायत करें कि ताजियेदारों को ताजिये ले जाकर दफ्न करने दें। क्योंकि यह ताजिये हजरत इमाम हुसैन अ.स. की याद हैं। जिन्होंने इंसानियत को बचाने के लिए करबला के मैदान में कुरबानी दी। जालिम यजीद के खिलाफ कुरबानी देकर इंसानियत को बचाया।
एक प्रदेश में दो किस्म के कानून का कोई मतलब नहीं
धर्मगुरूओं ने कहा, हुकूमत को इसका इल्म होगा कि कहां ताजिये दफ्न हुए हैं और किन जगहों पर अभी तक ताजिये दफ्न नहीं हुए हैं। एक प्रदेश में दो किस्म के कानून का कोई मतलब नहीं है। इंसाफ का तकाजा यह है कि तमाम शहरों में ताजिये दफ्न करने में किसी शहरी को कोई दुश्वारी न हो। एक बार फिर मुख्यमंत्री को इस बात की तरफ मुतवज्जे करते हुए इनसे अपील है कि ताजिये दफ्न करने के लिये हिदायत जारी करें