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पुलिस बेबस, छह माह में 341 लूट – लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने अखबार की खबर को बताया भ्रामक और निराधार, कहा: अपराध नियंत्रण में है, जनता न घबराए

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पुलिस बेबस, छह माह में 341 लूट – लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने अखबार की खबर को बताया भ्रामक और निराधार, कहा: अपराध नियंत्रण में है, जनता न घबराए

लखनऊ: के एक प्रमुख स्थानीय समाचार पत्र में 11 जुलाई को प्रकाशित एक खबर में यह दावा किया गया था कि जनवरी से जून 2025 के बीच लखनऊ में 341 लूट की घटनाएं हुई हैं। खबर में यह भी कहा गया कि पुलिस बेबस है और अपराधियों के सामने无र powerless बन गई है। इस खबर पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि उक्त दावा तथ्यहीन, भ्रामक और निराधार है, जिसका उद्देश्य केवल जनता के बीच भय और भ्रम फैलाना प्रतीत होता है।पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्ष 2025 में 1 जनवरी से अब तक लखनऊ कमिश्नरेट क्षेत्र में लूट और स्नैचिंग की केवल 107 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें मोबाइल, पर्स और चैन स्नेचिंग जैसे अपराध भी शामिल हैं। पुलिस ने न केवल इन घटनाओं का त्वरित संज्ञान लिया, बल्कि प्रभावी कार्रवाई करते हुए इन मामलों में कुल 162 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 14 शातिर अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ों के दौरान पकड़ा गया है।मध्य, पूर्वी, उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी – लखनऊ के सभी जोनों में पुलिस ने मुस्तैदी से काम करते हुए लूट की घटनाओं का निस्तारण किया है। मध्य जोन में जहां कुल 24 घटनाएं दर्ज हुईं, वहीं पुलिस ने 29 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर ₹4,01,700 की लूटी गई संपत्ति बरामद की। पूर्वी जोन में 19 घटनाओं में 37 अभियुक्त पकड़े गए और ₹8,21,200 की संपत्ति बरामद की गई। उत्तरी जोन में 12 मामलों में 23 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई, जिनके पास से ₹76,44,720 की लूटी गई राशि वापस ली गई। दक्षिणी जोन में 28 लूट की घटनाएं दर्ज हुईं और 38 अभियुक्तों को पकड़कर ₹4,24,370 की संपत्ति बरामद की गई। वहीं पश्चिमी जोन में 24 घटनाओं में 35 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई और ₹3,29,040 की संपत्ति पुलिस ने बरामद की।पुलिस ने बताया कि इन सभी अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और धारा 107 बीएनएसएस के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। उनकी अवैध संपत्तियों की कुर्की हेतु न्यायालय में रिपोर्टें भेजी जा चुकी हैं। साथ ही अपराध से अर्जित धन की जब्ती की कार्रवाई भी तेजी से चल रही है। पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं और अभियोजन स्तर पर प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जा रही है।लखनऊ कमिश्नरेट ने यह भी कहा है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ चल रही इस सक्रिय कार्रवाई के बावजूद जब कुछ मीडिया संस्थान भ्रामक आंकड़ों के आधार पर खबरें प्रकाशित करते हैं, तो इससे न केवल पुलिस बल का मनोबल गिरता है, बल्कि आम नागरिकों में भी बेवजह की घबराहट फैलती है। पुलिस ने मीडिया से अपील की है कि तथ्यपरक और प्रामाणिक जानकारी के आधार पर ही समाचार प्रकाशित किए जाएं।पुलिस कमिश्नरेट ने आश्वस्त किया है कि शहर में संगठित अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण है और भविष्य में भी अपराध के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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