
प्रमोद तिवारी ने आतंकवाद के खिलाफ केन्द्र सरकार और भारतीय सेना को पूर्ण समर्थन दिया, पाकिस्तान पर भरोसा न करने की दी सलाह
प्रमोद तिवारी ने आतंकवाद के खिलाफ केन्द्र सरकार और भारतीय सेना को पूर्ण समर्थन दिया, पाकिस्तान पर भरोसा न करने की दी सलाह
लखनऊ: राज्यसभा में उप नेता श्री प्रमोद तिवारी ने आतंकवाद के खिलाफ केन्द्र सरकार और भारतीय सेना को पूरा समर्थन देते हुए पाकिस्तान के प्रति भारत सरकार को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में चुनी हुई सरकार के निर्णयों पर सेना का हावी होना एक गंभीर स्थिति है, और यह स्थिति भारत के लिए चिंता का कारण बनती है। श्री तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार इस समय कमजोर है और सेना के प्रभाव में है, इसलिए भारत को पाकिस्तान पर कतई भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि पाकिस्तान अब तक कई बार भारत को धोखा दे चुका है और विश्वासघात कर चुका है।श्री तिवारी ने ‘शिमला समझौते’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समझौते में यह तय हुआ था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरा पक्ष (देश) हस्तक्षेप नहीं करेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका द्वारा युद्ध विराम की घोषणा किस आधार पर की जा रही है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दोनों देशों के बीच युद्ध विराम की घोषणा और अमेरिकी उपराष्ट्रपति द्वारा यह दावा किया जाना कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री से बात की है, श्री तिवारी ने इसे शिमला समझौते का खुला उल्लंघन बताया।इसके साथ ही, श्री तिवारी ने भारत के संविधान के अनुच्छेद-75 का हवाला देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल सामूहिक रूप से संसद के प्रति उत्तरदायी होता है। उन्होंने कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी के आग्रह को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की, ताकि भारत-पाकिस्तान के मौजूदा हालात पर चर्चा की जा सके और देश की एकजुटता दिखाई जा सके।
