
अब्बास अंसारी को हाईकोर्ट से राहत, आचार संहिता उल्लंघन मामले में ट्रायल पर रोक
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। माफिया मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से फौरी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने आचार संहिता उल्लंघन के एक पुराने मामले में उनके खिलाफ चल रही ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही अगली सुनवाई तक रोक दी है।
अब्बास अंसारी की याचिका पर सुनवाई
अब्बास अंसारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले की चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच में हुई, जिसमें कोर्ट ने फिलहाल ट्रायल रोकने का आदेश दिया।
चुनाव बाद हिसाब-किताब करने की धमकी का आरोप
यह मामला मऊ जिले के थाना कोतवाली में दर्ज है। आरोप है कि 3 मार्च 2022 की रात 8:30 बजे अब्बास अंसारी ने पहाड़पुरा मैदान में बिना अनुमति सभा की और भीड़ जुटाई। इसके अलावा उन पर प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब-किताब करने और सबक सिखाने की धमकी देने का भी आरोप है।
एफआईआर में भाई उमर अब्बास समेत 150 नामजद
सब इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद ने 4 मार्च 2022 को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें अब्बास के साथ उनके छोटे भाई उमर अब्बास अंसारी और करीब 150 अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया था। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट में होगी। इस केस में अब्बास अंसारी की ओर से अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखा।
विधानसभा सदस्यता हाल ही में बहाल
गौरतलब है कि मऊ सदर विधानसभा सीट से विधायक अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता हाल ही में 8 सितंबर 2025 को विधानसभा सचिवालय द्वारा बहाल की गई थी।
