
लखनऊ : यूपी के अनुदानित व मान्यता प्राप्त मदरसों में अन्य शिक्षा बोर्ड की ही तरह प्री प्राइमरी कक्षाएं संचालित की जाएंगी। बुधवार को मदरसा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डा.इफ्तिखार अहमद की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह भी तय हुआ कि बेसिक शिक्षा की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम से मदरसे चलाने की अनुमति दी जाएगी यह जानकारी बोर्ड के रजिस्ट्रार एस.एन.पाण्डेय ने दी है उन्होंने बताया कि बैठक में अरबी फारसी मदरसों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत स्मार्ट क्लास, एस्ट्रोनामी लैब, ई बुक, ई लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया
इसी तरह मदरसों में शैक्षिक सत्र के लिए ग्रीष्म काल और शीतकाल में निर्धारित अवधि को और तार्किक बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया। मानक पूरे करने वाले मदरसों की जमीन और भवन पर विचार किया जाएगा ताकि उन्हें मान्यता दी जा सके। बोर्ड के रजिस्ट्रार से कहा गया कि वह पन्द्रह दिनों में नयी मान्यता के लिए पोर्टल के जरिये ऑनलाइन व्यवस्था सुनिश्चित करवाएं।
मदरसा शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं उ.प्र.माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के साथ ही करवाई जाएंगी। पासपोर्ट बनवाए जाने के लिए मदरसा शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रमों के अंक पत्र व प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के साथ समन्वय स्थापित कर सुगम व्यवस्था बनाए जाने के भी निर्देश दिये गये। बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक सी.इन्दुमति, बोर्ड के उपाध्यक्ष कमर अली, सदस्य डा.इमरान अहमद आदि भी उपस्थित थे।