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उत्तर प्रदेश के इको टूरिज्म स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी, 9.72 करोड़ की लागत से 22 जिलों में लगेंगे साइनेज

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उत्तर प्रदेश के इको टूरिज्म स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी, 9.72 करोड़ की लागत से 22 जिलों में लगेंगे साइनेज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड राज्य की प्राकृतिक धरोहरों को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ी पहल कर रहा है। इसके तहत करीब 9.72 करोड़ रुपये की लागत से 22 जिलों में इको टूरिज्म आधारित साइनेज लगाए जाएंगे, जो पर्यटकों को प्रमुख स्थलों तक पहुंचने में दिशा और जानकारी देने का काम करेंगे।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड इन स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। बोर्ड की यह पहल केवल स्थानीय स्तर पर सुविधाएं बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य को देश-विदेश तक पहुंचाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।यह साइनेज नेटवर्क लखनऊ और दिल्ली जैसे प्रमुख केंद्रों से जुड़े मार्गों पर स्थापित किया जाएगा, जिससे पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर और कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ सेंचुरी जैसे महत्वपूर्ण इको टूरिज्म स्थलों तक पहुंचना और अधिक सुविधाजनक हो सकेगा। साइनेज पर न केवल गंतव्य स्थलों की दूरी का उल्लेख होगा, बल्कि वहां के प्रमुख आकर्षण भी प्रदर्शित किए जाएंगे।मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, इस परियोजना के तहत लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, अयोध्या, गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, बांदा, शाहजहांपुर, संतकबीरनगर, महोबा, बहराइच, पीलीभीत, गाजियाबाद, अमरोहा, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा और गौतमबुद्ध नगर में साइनेज लगाए जाएंगे। ये स्थल दिल्ली और आस-पास के राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बन सकते हैं।इस पूरी योजना का उद्देश्य पर्यटकों को सुगम मार्गदर्शन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के इको टूरिज्म स्थलों को एक सशक्त ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी गति देगी।

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