
लखनऊ : देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सोमवार को दिल्ली कैंट स्थित सैन्य अस्पताल में निधन हो गया। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का आज 11-12 बजे के बीच अंतिम संस्कार किया जाएगा। सुबह सवा 9 बजे से गणमान्य व्यक्तियों द्वारा श्रद्धांजलि दी गई। कोरोना काल को देखते हुए सामाजिक दूरी समेत सभी जरूरी प्रोटोकॉल का ख्याल रखा जा रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पूर्व राष्ट्रपति के आवास पर पहुंचे और उन्होंने यहां उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी मुखर्जी के अंतिम दर्शन के लिए राजाजी मार्ग स्थित उनके आवास पर पहुंचे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री के अलावा देश के रक्षा मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, सीडीएस सहित तीनों सेना प्रमुखों ने भी पूर्व राष्ट्रपति को उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। प्रणब मुखर्जी के निधन के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, ‘प्रणब मुखर्जी ने एक शून्य छोड़कर चले गए हैं। वे उदार और दयालु थे, जो मुझे यह भुला देते थे कि मैं भारत के राष्ट्रपति से बात कर रहा हूं। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, सभी को अपना बनाना उनकी प्रकृति में था। उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

बता दें कि देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कल 31 अगस्त को निधन हो गया। प्रणब मुखर्जी 84 साल के थे। पूर्व राष्ट्रपति के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी थी। प्रणब मुखर्जी दिल्ली में सेना के अस्पताल में भर्ती थे। यहां उन्हें 10 अगस्त को भर्ती कराया गया था। सोमवार 31 अगस्त को दिन में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें लगातार वेंटिलेटर पर रखा गया था। देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित प्रणब मुखर्जी के निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है।