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नीतीश के खिलाफ राखी सावंत का ट्वीट,राखी सावंत ने लगाई आग!

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नीतीश के खिलाफ राखी सावंत का ट्वीट,

,राखी सावंत ने लगाई आग!

इंडिया Live: नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने के मामले पर अब बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत भी खुलकर सामने आ गई हैं। राखी सावंत ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया है कि जब देश की महिलाएं डॉक्टर बनकर समाज की सेवा कर रही हैं, तो उनके पहनावे और धार्मिक पहचान पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। राखी ने कहा कि एक महिला का हिजाब उसकी निजी पसंद और आस्था का हिस्सा है और किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह सार्वजनिक मंच पर किसी महिला को असहज महसूस कराए।

राखी सावंत ने अपने बयान में कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां हर नागरिक को अपने धर्म और विश्वास के अनुसार जीने की आज़ादी है। उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई महिला साड़ी, सूट या पश्चिमी कपड़े पहन सकती है, तो हिजाब पहनने पर आपत्ति क्यों होती है। राखी ने साफ शब्दों में कहा कि महिला का सम्मान उसके कपड़ों से नहीं, बल्कि उसके काम और काबिलियत से होना चाहिए।

कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के साथ जो हुआ, उसने बहुत से सवाल खड़े कर दिए। मंच पर उसका हिजाब हटाया गया। यह घटना किसी भी औरत के लिए बहुत तकलीफ देने वाली हो सकती है।
एक औरत जब डॉक्टर बनती है, तो वह सालों मेहनत करती है। पढ़ाई करती है, संघर्ष करती है, ताकि समाज की सेवा कर सके। लेकिन जब उसके काम की जगह उसके कपड़ों पर ध्यान दिया जाए, तो उसे बुरा लगता है। ऐसा लगता है जैसे उसकी मेहनत की कोई कीमत ही नहीं है।
अगर वही औरत मुस्लिम हो, तो दर्द और बढ़ जाता है। हिजाब उसके लिए सिर्फ कपड़ा नहीं होता। वह उसकी पसंद, उसकी आस्था और उसकी पहचान होती है। उसे सबके सामने हटाना या हटाने को कहना, उस औरत को शर्मिंदा करने जैसा होता है। इससे उसकी भावनाएं आहत होती हैं।
इस मामले में अभिनेत्री राखी सावंत ने खुलकर कहा कि औरत का सम्मान उसके कपड़ों से नहीं, बल्कि उसके काम से होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिलाएं साड़ी, सूट या जींस पहन सकती हैं, तो हिजाब पहनने पर परेशानी क्यों होती है?
कुछ नेताओं के बयान भी सामने आए, जिन्होंने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। इससे लोगों को और गुस्सा आया, क्योंकि ऐसे मुद्दों पर मज़ाक करना या हल्के में लेना ठीक नहीं है।
यह घटना सिर्फ एक मुस्लिम महिला डॉक्टर की नहीं है। यह हर उस औरत की कहानी है जो अपने सम्मान और पहचान के साथ आगे बढ़ना चाहती है।
सीधी बात यह है —
औरत का सम्मान ज़रूरी है, चाहे वह किसी भी धर्म की हो।
उसकी मेहनत, उसकी पसंद और उसकी इज़्ज़त सबसे पहले होनी चाहिए।

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